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Ludhiana News: शेयर बाजार का फर्जी कारोबार करने वाले तीन गिरफ्तार, 71 लाख बरामद, दो फरार

Tue, 16 May 2023 10:22 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
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-गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल, दो फरार आरोपियों की तलाश जारी-पांच लैपटॉप, 7 डेस्कटाॅप, 7 मोबाइल, सोने और हीरे की 62 वस्तुएं भी मिलीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। फिरोजगांधी मार्केट में शेयर बाजार का फर्जी कारोबार करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। गिरोह के दो आरोपी अभी फरार हैं। आरोपियों से 71 लाख 40 हजार रुपये की नकदी, 5 लैपटॉप, 7 डेस्कटाॅप, 7 मोबाइल, सोने और हीरे की 62 वस्तुएं, करोड़ों रुपये का कीमती सामान, 135 चेक, एक मर्सिडीज और सियाज कार, पैसे गिनने वाली दो मशीनें व अन्य सामान बरामद हुआ है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड हैबोवाल की बावा काॅलोनी के रहने वाले अनिल जैन, अहमदगढ़ की कर्मजीत कौर और हैबोवाल लक्ष्मी नगर निवासी सन्नी कुमार को गिरफ्तार किया है। दो आरोपी जतिन जैन और गगनदीप सिंह अभी फरार हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि आरोपियों ने वी-ट्रेड नाम से एक मोबाइल एप तैयार किया था। यह एप एंड्रॉयड फोन पर बंद हो चुका है, लेकिन एप्पल फोन पर अभी काम कर रहा है। इस एप के जरिए ठग उन कारोबारियों से संपर्क साधते थे, जो शेयर बाजार में पैसा लगाते थे। पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि पुलिस को कुछ समय पहले ऐप के जरिए 15 लाख की ठगी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद से पुलिस ने ठगों पर नजर रखनी शुरू की। आरोपी करीब दो साल से यह गलत काम कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से करोड़ों रुपये का सामान व नकदी बरामद की है।
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ऑनलाइन व्यापार में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देते थे
पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों से संपर्क करके उन्हें एप में पैसे लगाने का लालच देते थे। ऑनलाइन व्यापार में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों को आकर्षित करते थे। लोगों के मोबाइल पर ऐप का लिंक भेजते थे और एक आईडी पासवर्ड भी देते थे। एप डाउनलोड करने के लिए जो लिंक भेजा जाता था, वह लोगों के बैंक खातों के साथ जुड़ा होता था। आरोपी आईडी और पासवर्ड देने से पहले पीड़ित से दो चेक भी मांगते थे। फिर पीड़ित से कैश लिया जाता और बराबर के डमी आंकड़े एप में दिखाए जाते। पीड़ित को भरोसा दिलाया जाता था कि वह एप के जरिए व्यापार करके अच्छी कमाई कर रहे हैं। जब ग्राहक अपनी रिटर्न की मांग करता है तो आरोपियों द्वारा उसकी आईडी और पासवर्ड बदल दिया जाता है और बाद में ग्राहक को और पैसे देने के लिए ब्लैकमेल किया जाता है। ग्राहक को कहा जाता कि वह पैसे नहीं देगा तो उसका चैक उसके खिलाफ इस्तेमाल करेंगे।
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विद्यार्थियों के लिए बना था एप
कुछ दिन पहले पुलिस के पास 15 लाख रुपये ठगी की शिकायत आई। जिसके बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वी-ट्रेड सेल मनोरंजन की श्रेणी में आता है और प्रशिक्षण के उद्देश्य से विद्यार्थियों के लिए बना है। भारतीय सिक्योरिटी और एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) से अलग-अलग इकाइयों के बारे जानकारी मांगी गई थी। इसमें यह पाया गया कि इस एप का सेबी के साथ कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। एप पर वी-ट्रेड की ओर से ग्राहक को दिखाए गए लेन-देन की एक्सचेंज से पुष्टि की गई थी और वह धोखाधड़ी वाले पाए गए। पीड़ितों से ज्यादातर भुगतान नकदी में लिया गया है। आरोपियों की पीड़ितों के साथ चैटिंग भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर फरार हुए आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।
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