संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट (डीटीएफ) ने पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए साल 2026 में आर-पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। मंगलवार को मिनी सचिवालय में आयोजित डीटीएफ की मीटिंग की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अश्वनी अवस्थी ने की। बैठक में संगठन ने आगामी वर्ष में बड़े विरोध प्रदर्शनों और रैलियों की योजना बनाई, और सरकार से अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया।
अश्वनी अवस्थी ने कहा कि 2022 में मुलाजिमों ने आप सरकार पर विश्वास करते हुए उसे सत्ता सौंप दी थी, लेकिन सरकार उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। 2022 से 2025 तक मुलाजिमों ने लगातार रोष रैलियां कीं, लेकिन सरकार ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। अब मुलाजिमों का गुस्सा बढ़ चुका है और 2026 में वे सरकार के विधायकों और मंत्रियों का घेराव करेंगे।
ये हैं मुख्य मांगें
डीटीएफ के प्रधान अश्वनी अवस्थी ने बताया कि पंजाब के मुलाजिमों की प्रमुख मांग जुलाई 2023 से लंबित महंगाई भत्ते का तत्काल भुगतान है। इसके अलावा, 18 नवंबर 2022 को जारी किया गया पुरानी पेंशन बहाली का नोटिफिकेशन अभी तक लागू नहीं किया गया, जिससे मुलाजिमों में रोष है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने ग्रामीण और बॉर्डर एरिया भत्ते सहित कुल 37 भत्तों को बिना कारण रोका है जो मुलाजिमों का हक है।