संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में सुधार के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर ने कहा कि अगले वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार होगा।
मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर ने कहा कि शहर ने वर्ष 2024-25 के लिए आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण में (10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में) 39वां स्थान हासिल किया है लेकिन सर्वेक्षण के तहत किए गए निरीक्षण के बाद कई चीजें पहले ही बदल चुकी हैं और आने वाले समय में निवासियों को एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के तहत लुधियाना नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों की स्वच्छता के मामले में 97 प्रतिशत, घर-घर कचरा संग्रहण के मामले में 89 प्रतिशत और बाजार क्षेत्रों की स्वच्छता के मामले में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसी प्रकार शहर ने सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता के लिए 53 प्रतिशत और जल निकायों की स्वच्छता के लिए 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं क्योंकि बुड्ढा दरिया की सफाई के लिए भी विभिन्न कदम उठाए गए हैं।
इंद्रजीत कौर ने कहा कि आने वाले समय में शहर भर में घर-घर जाकर कचरा संग्रहण, कचरे का स्रोत पृथक्करण, और स्वच्छता में और सुधार होगा, क्योंकि कई परियोजनाएं जमीनी स्तर पर क्रियान्वित की जा रही हैं। पुराने कचरे के जैव-उपचार की परियोजना पहले से ही तेज गति से चल रही है और ताजपुर रोड पर नगर निगम के मुख्य डंप स्थल पर कचरे के ढेर जल्द ही अतीत की बात हो जाएंगे।
इस परियोजना के पहले चरण के तहत, 4.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक पुराने कचरे (कुल 5 लाख मीट्रिक टन में से) का पहले ही जैव-उपचार के माध्यम से निपटान किया जा चुका है। परियोजना के दूसरे चरण का ठेका भी दे दिया गया है। इसमें लगभग 20 लाख मीट्रिक टन कचरे का निपटान किया जाना है। नगर निगम के मुख्य डंप स्थल पर लगभग 9 एकड़ भूमि को कचरे से मुक्त किया गया है। जैनपुर डंप स्थल पर 2.19 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का जैव-उपचार भी तेज गति से चल रहा है। शहर में उत्पन्न होने वाले 1100 मीट्रिक टन ताजा कचरे के प्रसंस्करण की परियोजना पहले ही शुरू की जा चुकी है और ताज़ा कचरे का प्रसंस्करण प्रतिदिन किया जा रहा है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार के लिए कई अन्य पहल भी की गई हैं, जिनमें शहर में खुले में कचरा फेंकने पर रोक लगाने के लिए स्टैटिक कॉम्पेक्टर लगाए जाएंगे। रेहड़ी-पटरी वालों को कूड़ा-कचरा फैलाने से रोकने के लिए भी आदेश जारी किए गए हैं। दुकानों के पास गीले और सूखे कूड़ेदान रखने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि उनकी दुकानों के आसपास कोई कचरा/अपशिष्ट न डाला जाए, अन्यथा उनके खिलाफ 2000 रुपये तक का चालान जारी किया जाएगा और बार-बार उल्लंघन करने पर एफ़आईआर भी दर्ज की जाएगी। प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर ने कहा कि जनभागीदारी को और प्रोत्साहित किया जाएगा और जहां भी आवश्यक हो, सुधार के लिए निवासियों से फीडबैक लिया जाएगा।