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Ludhiana News: शव बदलने के मामले तूल पकड़ा, ओरिसन अस्पताल के बाहर परिजनों का प्रदर्शन

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-डीएनए रिपोर्ट तक अस्थि कलश पुलिस कस्टडी में
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। फिरोजपुर रोड स्थित ओरिसन अस्पताल में बुजुर्ग महिला का शव बदलने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। मानवाधिकार आयोग में शिकायत के बाद वीरवार को मृतका के परिजन एक बार फिर अस्पताल के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उधर, पुलिस ने शमशानघाट से अस्थि कलश सौंपने से इनकार करते हुए उसे अपनी कस्टडी में ले लिया है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही अस्थियां परिजनों को सौंपी जाएंगी।
परिजनों का कहना है कि डीएनए जांच में देरी के कारण वे न तो अंतिम संस्कार कर सके और न ही अंतिम रस्में निभा पा रहे हैं। परिवार ने मांग की है कि डीएनए रिपोर्ट जल्द जारी की जाए, ताकि अस्थि कलश उन्हें सौंपा जा सके।
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कुछ दिन पहले ओरिसन अस्पताल में बुजुर्ग महिला जसबीर कौर की मौत हुई थी। उसी दौरान अस्पताल में मंजू मदान का भी निधन हुआ। जसबीर कौर के बच्चे विदेश, कनाडा में रहते हैं, इसलिए परिजनों ने शव को अस्पताल की मार्चरी में सुरक्षित रखवाया था। दो दिन बाद जब परिजन पहुंचे तो शव वहां नहीं मिला। बाद में पता चला कि मंजू मदान के परिजन शव ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। विवाद बढ़ गया और अस्पताल प्रशासन पर मामला दर्ज किया गया। मंजू मदान के परिजन अस्थियां प्रवाहित करने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस ने डीएनए जांच के लिए रोक लगा दी।
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जांच को कमजोर करने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि शिकायत में नामजद होने के बावजूद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया जो जांच को कमजोर करने और अस्पताल को बचाने का प्रयास है। मृतका के पति ने कहा कि 19 दिसंबर को मौत के बाद आज तक उन्हें पत्नी की अस्थियां तक नहीं सौंपी गईं। चौकी रघुनाथ एन्क्लेव के इंचार्ज एएसआई अश्वनी कुमार ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही श्मशानघाट से अस्थियां परिजनों को दी जाएंगी।
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