मोगा में केंद्रीय गोदाम निगम के गोदामों में स्टोर किए चावलों के स्टाक में 80 लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। थाना सिटी पुलिस ने मोगा में तैनात मैनेजर एवं दो गोदाम इंचार्ज के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मामले की जांच कर रहे एएसआई बलविंदर सिंह ने कहा कि यह घोटाला गोदाम में चावल लगाते समय पूरी योजना के साथ किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों में छापामारी की जा रही है।
पुलिस गेट पास एंट्रियां चैक कर रही है। इस घोटाले में चावल मिलर मालिकों के अलावा निगम के कई मुलाजिमों के शिकंजे में आने की संभावना है।
पुलिस के अनुसार केंद्रीय गोदाम निगम के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में तैनात सहायक जनरल मैनेजर मबी कृष्ण ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में कहा है कि निगम की टीम ने 23 अक्तूबर को मोगा स्थित निगम गोदामों में स्टोर किए चावलों के स्टाक की जांच की थी।
जांच में यह बात सामने आई कि स्टाक में से चावल की हजारों बोरियां गायब हैं। चावल की बोरियां निकालकर उनमें लकड़ी के क्रेट लगाए हैं। इन स्टाक में से 50 किलो वजन की कुल सात हजार बोरी चावल खुर्द-बुर्द किया है।
इसकी कीमत 80 लाख रुपये बनती है। यह घोटाला करोड़ों में होने की आशंका जताई जा रही है। यह चावल भारतीय खाद्य निगम की ओर से केंद्रीय पूल में स्टोर करवाया गया था। अधिकारियों की टीम भी गोदामों की जांच कर रही है। यह जांच सुखराम और अजय कर रहे हैं।
सहायक जनरल मैनेजर ने अपनी शिकायत में सुरक्षा की मांग भी की है। थाना सिटी पुलिस ने मैनेजर कुलवंत सिंह, गोदाम इंचार्ज कर्म सिंह और मंगल सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।