बठिंडा में प्रदर्शन करते अध्यापकों को रोकते पुलिससकर्मी।
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ईटीटी टैट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन (मालवा जोन) की ओर से शुक्रवार को राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह और छिंदर लाधूरा (राज्य जनरल सचिव) की अगुवाई में राज्य स्तरीय रैली निकालनी थी।
इसके लिए सौ से अधिक अध्यापक स्थानीय चिल्ड्रन पार्क में एकत्र हुए। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद जब अध्यापक शांतमई ढंग से प्रदर्शन करने के लिए पार्क से बाहर निकलने लगे तोे पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज करते उनको वापस पार्क में नजरबंद कर दिया। पुलिस की ओर से किए गए लाठीचार्ज में एक महिला अध्यापक शिवालिका समेत हरदीप सिंह संगरूर, सुरिंदर सिंह और अवतार सिंह बुढलाडा को अंदरूनी चोटें लगी। तहसीलदार अवतार सिंह की ओर से मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाने के आश्वासन के बाद अध्यापकों ने अपना धरना समाप्त किया।
यूनियन के राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह बताया कि वह अपनी मांगों को लेकर शांत मई ढंग रोष जताने के लिए पार्क से बाहर निकलना चाहते थे, लेकिन बाहर तैनात भारी पुलिस फोर्स ने उन पर लाठियां बरसा दीं। उनका कहना था कि सरकार उनके संघर्ष को पुलिस के बल पर दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वैसाखी मेले के दौरान लगने वाली अकाली दल की हर राजनीतिक कांफ्रेंस में रोष प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर सरकार फिर भी नहीं जागी तो बठिंडा में एक गुप्त एक्शन किया जाएगा। इसमें होने वाले नुकसान की जिम्मेवार प्रदेश सरकार होगी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्राइमरी स्कूलों में 4500 अध्यापकों की नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर रही है। वहीं ईटीटी के टैट पास अध्यापक पांच बार टैट (अध्यापक योग्यता परीक्षा) पास करने के बाद भी बेरोजगार हैं। इनकी गिनती करीब 8500 है। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर है कि सरकार की ओर से बेरोजगारों को आपस में ही उलझाया जा रहा है। बेरोजगार अध्यापकों ने कहा कि यदि पंजाब सरकार की ओर से पदों की गिनती 8500 न की गई तो वे शांत नहीं बैठेंगे।