जिले के गांव बालियांवाली के एक किसान ने कर्ज से आहत होकर वीरवार को जहर निगल लिया। मृतक किसान की पहचान हरचेत सिंह उर्फ लक्की के तौर पर हुई है।
लाला सिंह ने बताया कि उनके बेटे किसान हरचेत सिंह के पास एक एकड़ जमीन थी। वह उक्त और ठेके पर जमीन लेकर उस पर खेती करता था। बीते कुछ सालों से लगातार फसल खराब होने से उस पर सरकारी व गैर सरकारी ढाई लाख का कर्ज चढ़ गया।
उन्होंने बताया कि हरचेत सिंह जो भी खेती से कमाता था वह उस राशि को अपनी माता बिंदर कौर के कैंसर के इलाज पर खर्च कर देता था। इससे लगातार उसका कर्ज बढ़ता जा रहा था। इसके चलते उस पर करीब दस लाख रुपये कर्ज चढ़ चुका था। उन्होंने बताया कि उनका बेटा आर्थिक तौैर पर टूट चुका था। इस परेशानी में उसने जहर निगल कर खुदकुशी कर ली।
थाना बालियांवाली पुलिस ने हरचेत सिंह की पत्नी सरबजीत कौर के बयान पर 174 की कार्रवाई करते हुए शव को परिजनों के हवाले कर दिया। गांव के लोगों और किसान नेताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि मृतक किसान का पूरा कर्ज माफ कर उसके परिवार की आर्थिक तौर पर सहायता की जाए। साथ ही उसकी विधवा पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए। गांव वालों के अनुसार हरचेत सिंह एक अच्छा कबड्डी खिलाड़ी भी था।