कमिश्नर दफ्तर के बाहर रिश्वत लेने वाले सब इंस्पेक्टर को विजिलेंस विभाग ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को दफ्तर के बाहर स्थित ढाबे से एक महिला से पांच हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।
विजिलेंस टीम ने पुलिस के रिश्वत वाले पैसे पकड़ने वाले ढाबा मालिक को भी गिरफ्तार किया है। इस मामले में विजिलेंस विभाग ने सीआईए स्टाफ के सब इंस्पेक्टर दरबारा सिंह और ढाबा मालिक सुरिंदर पाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर फरार चल रहे सीआईए के हेड कांस्टेबल कंवलजीत सिंह की तलाश में जुट गई है।
एसएसपी विजिलेंस सतिंदर पाल सिंह ने कहा कि जनता नगर इलाके में रहने वाली जगदीश कौर ने उन्हें शिकायत दी थी कि उनके बेटे जसप्रीत जस्सी को सीआईए की पुलिस ने मोबाइल चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपी हेड कांस्टेबल कंवलजीत सिंह ने उनसे केस कमजोर करने के एवज में दस हजार रुपये बतौर रिश्वत में लिए, जबकि पांच हजार रुपये और मांग रहा था।
पांच हजार रुपये देने की तारीख सोमवार की तय की गई। इस दौरान जगदीश कौर विजिलेंस अधिकारियों के पास शिकायत देने पहुंच गई। विजिलेंस की टीम कंवलजीत का इंतजार कर रही थी। जगदीश कौर ने कंवलजीत को फोन किया तो उसने कहा कि वह किसी काम से बाहर आया था।
वह सब इंस्पेक्टर दरबारा सिंह को बाहर सुरिंदर के ढाबे पर भेज देता है। सब इंस्पेक्टर दरबारा सिंह ने जगदीश कौर को कहा कि वह सुरिंदर पाल को पैसे पकड़ा दे। सुरिंदर ने पांच हजार रुपये गिन कर अपने पास रख लिए। जब दरबारा सिंह पैसे पकड़ने लगा तो विजिलेंस की टीम ने उसे काबू कर लिया।
एसएसपी सतिंदर सिंह ने कहा कि आरोपी हेड कांस्टेबल कंवलजीत सिंह अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। विजिलेंस टीम उसकी तलाश कर रही है। पुलिस जल्द ही आरोपी हेड कांस्टेबल कंवलजीत सिंह को गिरफ्तार कर लेगी।