लुधियाना। आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब ने शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस विधायक सुरिंदर डाबर के घर के बाहर धरना दिया। इससे पहले सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स जुलूस निकालकर विधायक निवास के सामने पहुंची। यहां उन्होंने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद विधायक डाबर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। पूरे धरना-प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कोरोना गाइडलाइंस का पालन किया। मास्क के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया।
यूनियन जिला प्रधान सुभाष रानी ने बताया कि उनकी यूनियन लंबे समय से मांगों के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। स्कूलों में प्री प्राइमरी क्लास शुरू करने के फैसले के खिलाफ उनकी यूनियन ने संघर्ष किया। इसके बाद सरकार ने फैसला लिया कि प्री प्राइमरी क्लास संयुक्त रूप से चलेगी। अब सरकार दोबारा प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है, जोकि आंगनबाड़ी सेंटर को खत्म कर देगी। केंद्र सरकार ने साल 2018 में वर्कर्स का 600, मिनी वर्कर्स का 500 और हेल्पर्स का 300 रुपये वेतन बढ़ाया था, उस राशि का चालीस फीसदी पंजाब सरकार ने जारी नहीं किया गया।
पंजाब सरकार उस बकाया राशि को तुरंत जारी करें। आंगनबाड़ी सेंटर जिन इमारत में चल रहे है, उनका किराया कई वर्षों से नहीं दिया गया है। वहीं आंगनबाड़ी वर्कर्स से जो अतिरिक्त काम लिया जा रहा है, उसके लिए राशि का भुगतान किया जाए। अगर सरकार ने मांगों पर गौर नहीं किया तो वह अपने संघर्ष को और तेज करेंगी। इस मौके यूनियन नेता अंजू मेहता, सुरजीत कौर, आशा रानी, परमिंदर कौर, रजनी बाला व आरती आदि मौजूद रहे।