देसी शराब के ठेकों की नीलामी का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट ने शुक्रवार के लिए नोटिस जारी किया है।
देसी शराब के ठेकों की नीलामी ड्रा 27 मार्च को बठिंडा के मैरिज पैलेस में निकाला गया था। इसमें आबकारी विभाग की ओर से आठ जोनों को अलॉटमेंट किया गया था। इसमें से कोटफत्ता जोन जो हरीश कुमार के हिस्से आ गया था उसने अलॉटमेंट के बाद बनती राशि विभाग के पास तुरंत जमा करवा दी थी। वहीं मौके पर मौजूद सत्ताधारी पक्ष के नजदीकी शराब कारोबारियों ने उक्त अलॉटमेंट का विरोध करते हुए ड्रा का बायकाट कर दिया।
इसके बाद आबकारी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें मनाने की कोशिश भी की लेकिन वह माने नहीं। इसी दौरान विभाग ने 31 मार्च को फिर से शराब ठेकों की नीलामी रख दी। इसे हरीश अग्रवाल ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट में वीरवार को नीलामी पर रोक लगाते हुए सुनवाई शुक्रवार के लिए स्थगित कर दी गई।
शराब ठेकेदार हरीश कुमार अग्रवाल ने वीरवार को हाईकोर्ट में पहुंच की और हाईकोर्ट के डबल बेंच जज एके मित्तल और राज राहुल गर्ग को वकील के जरिए पंजाब सरकार व आबकारी विभाग को पार्टी बनाते हुए अदालत को बताया कि विभाग ने 27 मार्च वाला ड्रा बिना रद्द किए नया ड्रा निकालने के लिए विज्ञापन जारी किया जो गलत है। उसने तो अलॉटमेंट के बाद विभाग को नियमों के अनुसार बनती 8.5 लाख की राशि जमा करवा दी थी।
इसके बाद डबल बेंच ने अपने ऑर्डर में कहा कि विभाग 31 मार्च को शराब के ठेकों की नीलामी संबंधी प्रोसीडिंग तो कर सकता है लेकिन वह फाइनल नहीं होगी जब तक अदालत का इस मामले पर कोई निर्णय नहीं आता। अदालत ने प्रदेश सरकार व विभाग को इस मामले पर अपना पक्ष रखने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया है। इसके बाद अदालत निर्णय सुना देगी ।