2022 में भोला ने 35 हजार से ज्यादा वोटों से जीता था चुनाव
2022 के विधानसभा चुनाव में आप के दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला ने 68,682 वोट लेकर जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल मतों का 47.54 प्रतिशत वोट मिला था। कांग्रेस के संजीव तलवाड़ को 32,760 वोट यानी 22.67 प्रतिशत और अकाली दल के रंजीत सिंह ढिल्लों को 20,377 वोट यानी 14.10 प्रतिशत मिले थे। भाजपा के जगमोहन शर्मा 18,074 वोट लेकर 12.51 प्रतिशत मतों के साथ चौथे स्थान पर रहे थे। भोला ने करीब 35 हजार वोट के अंतर से जीत दर्ज की थी।
बुड्ढा नाला और कचरे का पहाड़ बने सबसे बड़े सवाल
2022 के चुनाव में आप ने बुड्ढा नाले के प्रदूषण का स्थायी समाधान करने उद्योगों के रसायनयुक्त पानी के अवैध बहाव पर रोक लगाने और ताजपुर रोड स्थित कचरे के पहाड़ का जैविक उपचार कराने के वादे किए थे। नाले के किनारे बसी बस्तियों को प्रदूषण से राहत देने सीवरेज व्यवस्था सुधारने और जलभराव रोकने के लिए नई जलनिकासी व्यवस्था विकसित करने का भी भरोसा दिया गया था।
इसके अलावा ग्लाडा की अनापत्ति प्रमाणपत्र प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने नगर निगम में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने आम आदमी क्लीनिकों के जरिये बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने और क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के दावे किए गए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बुड्ढा नाले की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बारिश के दौरान रसायनयुक्त गंदा पानी रिहाइशी इलाकों में पहुंच जाता है। ताजपुर रोड कचरा डंप में आग लगने से उठने वाला धुआं भी परेशानी का कारण है। ताजपुर रोड और राहों रोड की कॉलोनियों में सीवरेज ओवरफ्लो और दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें भी जर्जर हैं। नशे की खरीद-फरोख्त और छोटी आपराधिक घटनाएं भी चुनौती हैं।
जमीनी स्तर पर भोला की पकड़ अब भी मजबूत मानी जाती है। हालांकि लंबे समय से चले आ रहे बुड्ढा नाला और कचरा डंप के मुद्दों पर अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने से मतदाताओं का एक वर्ग नाराज है। कांग्रेस संजीव तलवाड़ के नेतृत्व में सीवरेज दूषित पानी और सड़कों के मुद्दे उठा रही है। अकाली दल के रंजीत सिंह ढिल्लों का संगठन भी सक्रिय है।