संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में शिक्षण पदों पर एससी और बीसी वर्ग के लिए आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने प्रदेश स्तरीय धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 1962 में स्थापित विश्वविद्यालय में दशकों से सांविधानिक आरक्षण का लाभ इन वर्गों को नहीं मिला है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
रिजर्वेशन चोर पकड़ो मोर्चा के अध्यक्ष हरनेक सिंह ने कहा, विभिन्न संगठन लंबे समय से पीएयू की शिक्षण पदों में आरक्षण लागू करवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2016 में भी 35 दिन का धरना दिया गया था। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिखित में आरक्षण का लाभ देने का भरोसा दिया था लेकिन दस साल बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ। पीएयू एससी/बीसी नॉन-टीचिंग एसोसिएशन से जुड़े स्वर्ण सिंह ने आरोप लगाया, विश्वविद्यालय बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट आरक्षण के मुद्दे पर लगातार टालमटोल कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के एससी आयोग ने 2010, 2015 और 2021 में शिक्षण पदों पर आरक्षण देने के आदेश जारी किए थे। स्वर्ण सिंह ने पंजाब सरकार के कल्याण विभाग से मामले में हस्तक्षेप कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। सतलुज मिसल पार्टी के एससी विंग के अध्यक्ष जगवीर सिंह सहूंगड़ा ने कहा कि आरक्षण न होने का असर एससी-बीसी विद्यार्थियों की संख्या पर पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में इन वर्गों के छात्रों की संख्या और कम हो सकती है। भाजपा की अमरप्रीत कौर राय ने इस मुद्दे को केंद्र सरकार तक उठाने की बात कही। दलित विकास बोर्ड पंजाब के चेयरमैन विजय दानव ने पंजाब सरकार के स्तर पर समाधान का आश्वासन दिया है। धरने में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।