संवाद न्यूज़ एजेंसी
अमृतसर। गुरुनगरी को पवित्र शहर घोषित करने के बाद नगर निगम ने वाॅल्ड सिटी से तंबाकू, मीट और अंडे की दुकानों को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत निगम का एस्टेट विभाग दुकानदारों को दुकाने बंद करने के लिए नोटिस जारी कर रहा है।
शुक्रवार को स्थानीय गोलबाग में एकत्रित 12 गेटों के दुकानदारों ने नगर निगम मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया और नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल से मुलाकात करने का निर्णय लिया। दुकानदार जसविंदर सिंह ने कहा कि हमारी तीसरी पीढ़ी अंदरून शहर गेट हकीमां में मीट का कारोबार कर रही है, और अब तक किसी सरकार ने हमें काम बंद करने या शिफ्ट करने के लिए नहीं कहा। उन्होंने सवाल किया कि 250 से ज्यादा छोटे-बड़े दुकानदारों को बेरोजगार करना कहां तक सही है, जो इस कारोबार से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
पहले बसाने का इंतजाम किया जाए
दुकानदार मदन गोपाल ने कहा कि वह 45 वर्षों से नमक मंडी में पुश्तैनी कच्चे मीट की दुकान चला रहे हैं और अब सरकार उन्हें अचानक काम बंद करने को कह रही है। उन्होंने सरकार से अपील की कि उन्हें उजाड़ने से पहले बसाने का इंतजाम किया जाए ताकि उनके परिवारों को परेशानी न हो। नगर निगम के सर्वे के मुताबिक, शहर के अंदरून 12 गेटों में तंबाकू, मीट, अंडे की 110 रेहड़ियां, 34 कच्चे मांस की दुकानें और 51 मीट परोसने वाले खोखे हैं। दुकानदारों ने शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारियों से मिलने के बाद अपनी अगली रणनीति पर चर्चा करने का निर्णय लिया है।