-लाखों श्रद्धालुओं ने टेका माथा, शहीदी सभा का दूसरा दिन श्रद्धा में डूबा
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फतेहगढ़ साहिब। दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी जी की अद्वितीय शहादत को समर्पित शहीदी सभा के दूसरे दिन फतेहगढ़ साहिब में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देश-विदेश से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरुद्वारा साहिब ठंडा बुर्ज और गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब में माथा टेककर महान शहीदों को नमन किया।
गौरतलब है कि एक दिसंबर से लेकर अब तक संगत की कतार टूटी नहीं है। शहीदी दीवार के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु लगातार पहुंच रहे हैं। आंखों में श्रद्धा और मन में सम्मान लिए संगत छोटे साहिबजादों की शहादत को नमन कर रही है। अमृत वेले गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के मुख्य दीवान हाल में आसा दी वार के पावन कीर्तन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके उपरांत हेड ग्रंथी ज्ञानी हरपाल सिंह ने साहिबजादों की शहादत का मार्मिक इतिहास सुनाया। दिनभर गुरबाणी कीर्तन, कथा और अरदास का सिलसिला चलता रहा। जो बोले सो निहाल के जयकारों से समूचा वातावरण गूंज उठा और संगत भावविभोर हो गई।
टोडर मल दीवान हाल में सजे धार्मिक दीवान
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से टोडर मल दीवान हाल और गुरुद्वारा परिसर के बाहर विशाल पंडालों में धार्मिक दीवान सजाए गए। प्रसिद्ध कथावाचकों, ढाडी और कविशरी जत्थों ने गुरु गोबिंद सिंह जी, माता गुजरी जी और छोटे साहिबजादों के बलिदान की गाथा प्रभावशाली ढंग से सुनाई। कवि दरबार में प्रस्तुत रचनाओं ने शहीदों की कुर्बानी को जीवंत कर दिया, जिससे कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। सेवा संस्थाओं और स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भाव से संगत की सेवा की।
संगत के लिए व्यापक इंतजाम
-24 घंटे गुरु का लंगर।
-चिकित्सा व प्राथमिक उपचार केंद्र।
-ठहरने की समुचित व्यवस्था।
-जोड़ा घर व गठड़ी घर।
-धार्मिक साहित्य व प्रदर्शनियां।
विशिष्ट हस्तियों ने भी टेका माथा
इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया सहित कई धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने हाजिरी भरकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। 27 दिसंबर को गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के उपरांत सुबह 9 बजे अलौकिक नगर कीर्तन निकलेगा जबकि दोपहर 12 बजे गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में विशेष अमृत संचार समागम आयोजित होगा। शहीदी सभा के ये क्षण श्रद्धा, त्याग और मानवता की अमिट मिसाल बनकर संगत के हृदय में अंकित हो गए।