हलवारा में फौज से रिटायर्ड कैप्टन करमजीत सिंह (60) ने बुढ़ेल गांव स्थित अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। कैप्टन करमजीत सिंह बुढ़ेल गांव की सरपंच मंजीत कौर के पति थे। देश की सेवा से रिटायर होने के बाद से कैप्टन करमजीत सिंह जनसेवा से जुड़े थे। सरपंच पत्नी मंजीत कौर के पंचायती कार्यों में हमेशा तत्पर रहने वाले इस फौजी अफसर पर कोरोना वायरस फैलने के बाद से जबरदस्त मानसिक दबाव था। सूचना मिलने के बाद पहुंची थाना सुधार की पुलिस ने पत्नी मंजीत कौर के बयान दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सरपंच मंजीत कौर के दिए बयान के मुताबिक कोरोना वायरस के चलते लगे कर्फ्यू के बाद से पंचायत का काम काफी बढ़ गया था। सारा काम कैप्टन करमजीत सिंह ही देखते थे। देश और देश के गरीबों के बुरे हालात से भी वह काफी दुखी रहते थे। बुधवार रात 11 बजे वह खाना खाने के बाद कमरे में सोने के लिए चले गए। सुबह छह बजे उनका शव पंखे से लटका हुआ मिला। जांच अधिकारी थानेदार गुलाब सिंह ने बताया कि सरपंच मंजीत कौर ने भारी दबाव के चलते आत्महत्या की बात कही है।
पंचायती काम और कोरोना वायरस से पैदा हालात से कैप्टन करमजीत सिंह हमेशा दुखी रहने लगे थे। इसलिए उन्होंने आत्महत्या कर ली। मृतक का बेटा अमरजीत सिंह भी फौज में ही तैनात है। बुधवार रात कैप्टन करमजीत सिंह अपने दोस्त जगजीत सिंह के साथ तमाम ठीकरी पहरे चेक करने के बाद आसपास गांव के सरपंचों से सलाह करने के बाद लौटे थे। घुमाण गांव के पूर्व सरपंच भूपिंदर सिंह ने बताया कि बुधवार रात तमाम मौजूदा हालात पर विचार करने के बाद वह अपने घर चले गए थे।