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सरपंच के पति और भाइयों पर बुजुर्ग दंपती को पीटने का आरोप

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गांव दाखा वासी दंगा पीड़ित अमृतधारी बुजुर्ग दंपती को शनिवार देर शाम बेरहमी के साथ मारा गया। यहां तक उनकी दस्तार को भी उतार दिया। देर रात गांव के कुछ लोगों ने किसी तरह बुजुर्ग दंपती को रायकोट स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित दंपती गांव की मौजूदा कांग्रेसी सरपंच के पति व भाइयों पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। रविवार को सुबह तक पीड़ित दंपती के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस भी नहीं पहुंची। क्योंकि महिला सरपंच का पति कांग्रेस के हलका इंचार्ज संदीप संधू का करीबी बताया जाता है, इसलिए पुलिस भी कार्रवाई से कतरा रही है। वहीं सरपंच के पति ने भी बुजुर्ग पर सिर में रॉड मारने का आरोप लगाया है।
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पीड़ित बुजुर्ग खेम सिंह व उनकी पत्नी माया जाट ने बताया कि 1984 से पहले वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर के शिवपुरी में रहते थे। वहां साल 1984 में जैसे दंगा भड़का उनका सबकुछ लूट लिया गया। वह किसी तरह जान बचाकर लुधियाना के गांव राजगढ़ में आ गए थे। इसके बाद बीते एक दशक से वह गांव दाखा में एक एनआरआई के घर में बतौर केयर टेकर रह रहे हैं। उनका एक बेटा सेना में है। इस समय दोनों घर में अकेले रहते हैं। शनिवार को एनआरआई के दो घरों का रंग रोगन का काम करवा रहे थे। उनकी गली में सीवरेज लाइन डल रही है, लेकिन डिग्गी बनाने का खर्च लोगों को देना होता है। उन्होंने मिस्त्री से कहा कि डिग्गी बनाने का खर्च बता दे, क्योंकि यह पैसा एनआरआई द्वारा भेजा जाएगा। खर्च को लेकर मामूली विवाद हुआ तो मौजूदा कांग्रेसी सरपंच रविंदर कौर का पति जतिंदर सिंह और उसके दोनों भाई आ गए और सीधा पर उन पर हमला कर दिया। किसी तरह वह जान बचाकर घर की तरफ भागे। उन्हें घर में जान का खतरा लगा तो दूसरे गेट से वह मोटरसाइकिल पर बाहर जाने लगे। इसी बीच रास्ते में दोबारा घेरकर पीटा गया। उनका मोटरसाइकिल तोड़ दिया गया, उनके मोबाइल फोन छीन लिए। यही नहीं उनकी दस्तार भी उतार दी गई। किसी तरह वह इलाज के लिए पहले सिविल अस्पताल सुधार गए, वहां से उन्हें रायकोट अस्पताल में भेजा गया है। बुजुर्ग दंपती ने कहा कि आरोपी कांग्रेसी सरपंच का पति है, इस कारण उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। देर रात को सरपंच के पति ने अस्पताल में पहुंचकर उन्हें धमकाया है।
कोट
बुजुर्ग दंपती का अपने पड़ोसी के साथ विवाद चल रहा था, मैं वहां से गुजर रहा था। मैंने समझाने का प्रयास किया तो बुजुर्ग खेम सिंह ने लोहे की रॉड से मेरे सिर पर वार किया। मेरे सिर पर चार टांके लगे हैं। इस समय दाखा के निजी अस्पताल में मेरा उपचार चल रहा है। मैंने पुलिस को शिकायत दे दी है, जहां तक मारपीट की बात है, शाम का मामला था तो वह रात को नौ बजे अस्पताल में भर्ती क्यों हुए। यह मेरे पर इल्जाम है।
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-जतिंदर सिंह, सरपंच का पति।
कोट
मामला मेरे ध्यान में नहीं आया था, मैं अभी पुलिस टीम को पीड़ित पक्ष का बयान लेने के लिए रायकोट अस्पताल भेज रहा हूं। इसकी निष्पक्ष तरीके से जांच होगी और आरोपी पाए जाने वाले के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी।
-गुरबंत सिंह, डीएसपी दाखा
कोट
मुझे मामले की जानकारी अभी नहीं मिली है, लेकिन जो भी हुआ है सरासर गलत है। मैं खुद अभी अपने वर्करों को पीड़ितों के पास भेज रहा हूं। पुलिस को इस मामले में पूरा न्याय करना चाहिए। आरोपी पक्ष को किसी हालत में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। सरपंच रविंदर कौर का पति जतिंदर सिंह मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार कैप्टन संदीप संधू का राइट हैंड माना जाता है, इसीलिए पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है।
मनप्रीत अयाली, विधायक दाखा
कोट
कानून का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कोई भी हो। जब अकालियों की सरकार थी तब मनप्रीत अयाली ने कांग्रेसियों पर जमकर अत्याचार किया। अब वह दूध के धुले बन रहे हैं और हर मामले को सियासी तौर पर पेश करते हैं।
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कैप्टन संधू, मुख्य सलाहकार, सीएम अमरिंदर सिंह।
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