पंजाब के सांस्कृतिक व संग्रहालय विभाग ने साफ किया है कि शहीद ऊधम सिंह की जन्मस्थली सुनाम में शहीद का संग्रहालय नहीं बनेगा, बल्कि यादगार बनेगी। जबकि शहीद की नगरी के लोग व उनके परिजन लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि शहीद को समर्पित संग्रहालय बनाया जाए और उसमें शहीद के जीवन से जुड़ी वस्तुओं को संजोया जाए। 26 दिसंबर को शहीद का जन्मदिवस मनाने की तैयारियां चल रही हैं और संग्रहालय बनाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
शहीद ऊधम सिंह पर खोज कर रहे लेखक राकेश कुमार की ओर से आरटीआई के जरिये मांगी जानकारी में विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुनाम में बठिंडा मुख्य मार्ग पर सिर्फ यादगार बनाई जा रही है। यहां संग्रहालय या लाइब्रेरी का निर्माण नहीं किया जा रहा है। पटियाला की साईं निर्माण कंपनी को दो करोड़ 61 लाख 27 हजार 750 रुपये में इसका ठेका दिया गया है और नौ माह के भीतर इसका निर्माण करना है। लेखक राकेश कुमार ने सवाल उठाया कि यादगार तो पहले से ही स्थानीय ओलंपिक स्टेडियम में बनी हुई है।
समय की मांग यह है कि यहां संग्रहालय बनाकर शहीद ऊधम सिंह के हस्तलिखित पत्र, अस्थियों के कलश, कपडे, निजी डायरी, रिवाल्वर (जिससे माइकल ओडायर को मारा था) और अन्य लिटरेचर यहां संजोया जाए। ताकि भविष्य की पीढ़ियां इन्हें देख पाएं और उनमें देश प्रेम का जज्बा पैदा हो सके। शहीद के परिजनों हरदियाल सिंह व जीत सिंह ने कहा कि सरकार इतनी राशि खर्च करके इमारत बना रही है। ऐसे में जरूरत को देखते हुए इसे संग्रहालय में तबदील किया जाए और विदेशों में पड़ी शहीद की वस्तुओं को यहां मंगवाकर रखा जाए।
धीमी गति से चल रहा निर्माण बठिंडा मुख्य मार्ग पर शहीद की यादगार का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। 31 जुलाई 2019 को कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से इसका निर्माण शुरू किया गया था। लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद यहां सिर्फ दीवारें खींची दिखाई दे रही हैं। हालांकि निर्माण में जुडे़ कारीगरों ने दावा किया कि धीरे धीरे कार्य की गति बढ़ रही है।