संवाद न्यूज एजेंसी
जगरांव। सिधवां बेट के मालखाने से करोड़ों रुपये की ड्रग मनी गायब करने के आरोप में गिरफ्तार मुंशी गुरदास से पुलिस ने बड़ी बरामदगी की है। पुलिस रिमांड के दौरान गुरदास ने स्वीकार किया कि उसने लाखों रुपये अपने घर में छिपाकर रखे थे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस आरोपी को उसके घर लेकर पहुंची, जहां उसने अपने दबाकर रखे 10 लाख रुपये निकाल दिए। इसके बाद पुलिस ने अलमारी से तीन लाख रुपये और बरामद कर लिए। पुलिस ने गुरदास के घर से कुल 13 लाख रुपये बरामद किए हैं।
पुलिस पूछताछ में गुरदास ने खुलासा किया कि वह निकाली गई ड्रग मनी अपने एक अन्य साथी के पास भी रखता था। पुलिस ने उसके बताए अनुसार आरोपी मनोज कुमार उर्फ मंगू को भी मामले में नामजद कर उसके पास से 6 लाख रुपये बरामद कर लिए। मनोज को गिरफ्तार कर पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उसका रिमांड लिया जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि मनोज से पूछताछ में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। दूसरी ओर, गुरदास का चार दिन का रिमांड पूरा होने पर पुलिस ने उसे फिर अदालत में पेश किया। अदालत ने चार और दिन का रिमांड मंजूर किया। इससे पहले शुक्रवार को एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने आरोपी मुंशी गुरदास को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए थे। एसएसपी द्वारा बनाई गई विशेष जांच टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि मालखाने के पूरे रिकॉर्ड की गहनता से जांच हो सके।
लाइटर से पिघलाता था सील :
सूत्रों के अनुसार, गुरदास मालखाने में जमा सामान की सील को लाइटर से पिघलाकर तोड़ता था। इसके बाद दोबारा सील लगाकर धोखाधड़ी को छिपा देता था। इस काम में उसका सहयोगी मनोज उसकी मदद करता था। इसी कारण मनोज से छह लाख रुपये बरामद करने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया है।