मिलरगंज की निरंकारी स्ट्रीट में सीवरेज की सफाई करने के दौरान गैस चढ़ने से सफाई कर्मचारी सोनू और मेहर चंद की मौत के मामले में उनके परिजनों ने जगरांव पुल पर शनिवार दोपहर जाम लगा दिया। पुलिस ने उन्हें कहा था कि मामला दर्ज किया जाएगा, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद दोनों मृतकों के परिजन और उनके साथी भड़क गए।
दोनों के परिजन दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जगरांव पुल पर पहुंचे और वहां पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने चारों तरफ से आने जाने वाले ट्रैफिक को रोक दिया। चार घंटे तक पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाती रही, लेकिन प्रदर्शनकारी किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। करीब चार घंटे जाम के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि जेई और एसडीओ के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। इसके बाद जाम खोला गया।
प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे विपिन कल्याण ने कहा कि दोनों कर्मचारी शुक्रवार को सफाई कर रहे थे। उनके पास पर्याप्त किट नहीं थी, लेकिन फिर भी जेई और एसडीओ ने दोनों को सीवरेज में उतरने के लिए दबाव बनाया। इस कारण दोनों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि इस हादसे के लिए दोनों अधिकारी जिम्मेदार है।
पुलिस ने उन्हें पहले आश्वासन दे दिया कि दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। आश्वासन के बाद पुलिस ने सोनू के शव का पोस्टमार्टम भी करवा दिया, लेकिन शनिवार सुबह पता चला कि पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है। जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात करनी चाही तो उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया।
इसके बाद प्रदर्शन करने का फैसला किया गया। प्रदर्शनकारी जगरांव पुल पर पहुंचे और ट्रैफिक रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। सूचना पाकर पुलिस के आलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बात कर शांत होने की अपील की, लेकिन कोई बात सुनने को तैयार नहीं था।
इसके बाद भावाधस के नेता नरेश धिंगान वहां पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बात की। पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामला दर्ज कर लिया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। थाना डिवीजन दो के एसएचओ इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में जेई और एसडीओ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।