जगरांव में माता चिंतपूर्णी मंदिर रोड के पास बिना टेंडर और कथित तौर पर बिना अनुमति सड़क खोदने का मामला नगर काउंसिल अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
मामला सामने आने के बाद नगर काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि खोदी गई सड़क की मरम्मत का खर्च संबंधित ठेकेदार को उठाना होगा। यदि ठेकेदार सड़क को पहले की स्थिति में बहाल नहीं करता तो उसके खिलाफ सरकारी सड़क को नुकसान पहुंचाने के मामले में कार्रवाई के लिए केस दर्ज करवाया जा सकता है।
एएमआई अशोक कुमार ने बताया कि जिस सड़क को खोदा गया, उसका टेंडर नहीं लगा था। ऐसे में वहां डाली गई पाइपों की पेमेंट किसी भी कीमत पर पास नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित जेई को भी निर्देश दिए हैं कि प्रस्ताव पास हुए बिना बिल पास न किया जाए। ठेकेदार को स्पष्ट कर दिया गया है कि वह सड़क को जल्द ठीक करवाए, अन्यथा उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जा सकती है।
19 लाख के टेंडर वाली सड़क और दूसरी सड़क की खुदाई पर सवाल
एएमआई अशोक कुमार के अनुसार, माता चिंतपूर्णी मंदिर रोड का करीब 19 लाख रुपये का टेंडर पास हो चुका है। यह टेंडर पूर्व पार्षद अमन कपूर बोबी के पार्षद रहते पास करवाया गया था और सड़क निर्माण का काम भी शुरू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में लगी एक-एक टाइल और डाली गई पाइपों की पैमाइश के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। बिना उचित प्रक्रिया और मंजूरी के किए गए कार्य का बिल पास नहीं होगा।
मुख्यमंत्री से विजिलेंस तक पहुंची शिकायत
शहर के समाजसेवी ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक और स्टेट विजिलेंस को शिकायत भेजकर मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने नगर काउंसिल में नक्शे पास करने और कथित अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में भी अधिकारियों की भूमिका की जांच करवाने की मांग उठाई है।