पंजाब के लुधियाना में डिजिटल अरेस्ट कर नेवी के रिटायर्ड अधिकारी से 24 लाख रुपये की ठगी की गई है। इससे पहले रिटायर्ड इनकम टैक्स अधिकारी और एडवोकेट से भी शातिरों ने इसी तरह ठगी की थी। वहीं, अब मर्चेंट नेवी के रिटायर्ड अधिकारी को साइबर ठगों ने निशाना बनाया है।
मुंबई पुलिस का इंस्पेक्टर बन कॉल कर ईडी विभाग में दर्ज एफआईआर का डर दिखाकर उससे 24.20 लाख रुपये अलग-अलग बैंक अकाउंस्स में ट्रांसफर करवा लिए। पैसे देने के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। उसने शिकायत पुलिस को दी। थाना साइबर की पुलिस ने डेहलों के रहने वाले हरबंस सिंह की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस शिकायत में हरबंस सिंह ने बताया है कि वह डेहलों के गांव रूड़का का रहने वाला है और मर्चेंट नेवी से रिटायर्ड है। उसे 16 सितंबर को एक कॉल आई थी। कॉल करने वाला खुद को मुंबई तिलक नगर थाने का इंस्पेक्टर कोहली बता रहा था। कोहली ने कहा कि उसके खिलाफ ईडी में एक एफआईआर दर्ज हुई है। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए व्हाट्सएप नंबर पर कॉल करें। हरबंस का कहना है कि उसने डरते हुए तुरंत उसे व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क किया।
आगे से कोहली ने बताया कि उसके बैंक के खाते में पैसे पड़े हैं, जोकि धोखाधड़ी वाले हैं। उन पैसों की डिटेल वेरिफाई करवानी है इसलिए खाते में पड़े पैसे उनके आईडीएफसी और आईसीआईसी बैंक के खाते में ट्रांसफर करवा दें। कोहली ने यह भी कहा था कि वह इस संबंध में किसी के साथ बात ना करें, नहीं तो उसका ही नुकसान होगा। वह पैमेंट वेरिफाई करने के बाद अगर उसका कोई रोल नहीं हुआ तो वह उसे दोबारा ट्रांसफर कर देंगे।
हरबंस के मुताबिक उसने आरोपियों के बताए हुए बैंक खातों में तीन अलग-अलग एंट्रियां कर दी। पहली एंट्री में 13 लाख, दूसरी में 5 लाख और तीसरी में 6 लाख 20 हजार रुपये भेज दिए थे। आरोपियों ने कहा था कि वह 19 सितंबर को वेरिफाई कर उसे जवाब देंगे, लेकिन उसने जब बाद में कॉल की तो आरोपी ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया था। फिर उसे अहसास हुआ कि वह एक बड़ी ठगी का शिकार हो चुका है। उसने तुरंत इस संबंधी पुलिस को शिकायत दी। उधर, साइबर थाने के एसएचओ जतिंदर सिंह का कहना है कि अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। आगे की जांच की जा रही है।