आम आदमी पार्टी के आरटीआई विंग के प्रदेश महासचिव हरमिलाप सिंह ग्रेवाल ने रविवार को दिल्ली की लीडरशिप से परेशान होकर अपने सभी पदों से इस्तीफा दिया । ग्रेवाल आरटीआई विंग के महासचिव के अलावा कोर कमेटी के एक्टिव सदस्य और प्रवक्ता भी थे।
ग्रेवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि आप के कनवीनर अरविंद केजरीवाल पार्टी नियमों से उलट अपने चहेतों को पंजाब में सत्ता पर काबिज करवाना चाहते है । उन्होंने कहा कि संजय सिंह, दुर्गेश पाठक और कई अन्य आप नेताओं ने पंजाब में आकर पंजाबियों के इमोशन के साथ खेलना शुरू कर दिया और पंजाब की पूरी आप लीडरशिप को दरकिनार कर दिया।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए दिल्ली के आप नेताओं ने पहले ही प्लानिंग के तहत 117 सीटों पर टिकट बांट दी है और अब वोटिंग प्रोसेस का ड्रामा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे लोगों को दिल्ली की लीडरशिप ने टिकट दी है जो भ्रष्ट और कई घपलों में शामिल है। ग्रेवाल ने कहा कि वह खुद 30 लाख रुपये प्रति वर्ष की नौकरी छोड़कर पंजाब के हितों के लिए पार्टी के साथ जुडे़ थे। तब पार्टी के नियम कुछ और थे और अब आम वालंटियरों को पीछे छोड़ा जा रहा है।
‘जो पेंशन नहीं छोड़ सकता वह पंजाब का भला क्या करेगा’
ग्रेवाल ने कहा कि जो लोग अकाली दल और भाजपा से दुखी होकर आप में शामिल होना चाहते हैं, वह अभी इसलिए आप में शामिल नहीं हो रहे कि उनकी पेंशन उन्हें नहीं मिलेगी ।
उन्होंने कहा कि जलंधर कैंट के परगट सिंह और नवजोत कौर सिद्वू इस लिए आप में अभी तक शामिल नहीं हुए क्यों कि उनके अभी साढे़ चार वर्ष बतौर विधायक पूरे नहीं हुए, जिस के चलते अगर वह विधायक पद छोड़ते है तो उन्हें पेंशन नही मिलेगी । उन्होंने कहा कि जो लोग पेंशन नही छोड़ सकते, वह पंजाब का भला क्या करेगें ।
‘गांधी व बैंस भाईयों के साथ मिलकर पंजाब को बचाऊंगा’
ग्रेवाल ने कहा कि वह सांसद धर्मवीर गांधी और बैंस भाईयों के साथ मिलकर पंजाब के हितों के लिए लडे़ंगे। उन्होंने कहा कि आप की दिल्ली लीडरशिप ने उन युवाओं के कैरियर तबाह कर दिए हैं, जो अपना सब कुछ छोड़कर पार्टी के साथ जुडे़ थे ।