प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाई गई इमरजेंसी के दौरान जेल काटने वाले जनसंघ के कार्यकर्ताओं को सुविधाएं देने के एलान के बाद लोकतंत्र सेनानी संघ के राज्य अध्यक्ष शाम लाल ने इन्हें ये सुविधाएं दिलवाने के लिए प्रयास शुरू किए हैं।
हालांकि बरनाला जिले में इमरजेंसी के दौरान जेल काटने वाले वे कार्यकर्ता और उनके परिवार उस समय निराशा हो गए जब पुलिस ने उन्हें जेल काटने का रिकार्ड देने से ही मना कर दिया। इमरजेंसी के दौरान जेल काटने वाले मरहूम राज महाजन को बाद में आतंकवादियों ने शहीद कर दिया था। इसके अलावा इमरजेंसी के दौरान जेल काटने वाले राम सरूप पूर्व पार्षद, कृष्ण चंद कांसल, दर्शन कुमार, बाबू कस्तूर चंद, रणधीर भूषण का बरनाला पुलिस के पास रिकार्ड ही नहीं है।
संघ के प्रधान शाम लाल व मरहूम राज महाजन के भतीजे ललित महाजन ने बताया कि प्रधानमंत्री के एलान के बाद जब उन्होंने इमरजेंसी के दौरान जेल काटने वालों का रिकार्ड आरटीआई डालकर मांगा तो उन्हें जवाब मिला कि पुलिस के पास उनका कोई रिकार्ड नहीं है।
वहीं, जिला पुलिस मुखी उपिंदरजीत सिंह घुम्मन ने कहा कि वे डीएसपी पलविंदर सिंह चीमा की ड्यूटी लगाकर पटियाला जेल की रिकार्ड की दोबारा जांच करवाएंगे। डीआईजी जेल लखविंदर सिंह जाखड़ ने बताया कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासन के दौरान लगाई गई इमरजेंसी के दौरान जिन लोगों ने जेल काटी थी, उनका रिकार्ड बाड़ के दौरान खत्म हो गया था।