लुधियाना में बरसात के बाद बर्बाद फसल को देखता किसान
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पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने सूबे के किसानों को चिंता में डाल दिया है। तेज हवाओं के चलते कुछ इलाकों में गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। किसानों ने बारिश से हुए नुकसान की गिरदावरी कराने और मुआवजे की मांग की है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में तेज हवाएं, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो रही है। मौसम विभाग के माहिरों ने कहा है कि पश्चिम विक्षोभ का असर 14 मार्च तक बरकरार रहेगा। इसके बाद ही मौसम खुल पाएगा। गेहूं की फसल का दाना तैयार हो गया है। अब इसे पकने के लिए लगातार धूप की जरूरत है। लुधियाना में पिछले 24 घंटों के दौरान 20.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है।
कृषि माहिरों का मानना है कि अगेती फसल पर खराब मौसम का ज्यादा असर हुआ है। कृषि माहिरों का कहना है कि जिले में तीन से चार फीसदी तक फसल प्रभावित हुई है, लेकिन अभी इसका सही आंकलन किया जा रहा है। चीफ एग्रीकल्चर अफसर एसएस सेखों का कहना है कि बारिश का फसल को कोई नुकसान नहीं है, लेकिन तेज हवाओं से फसल खेत में बिछ जाती है, इसका सीधा असर झाड़ पर पड़ता है।
गांव झम्मट के किसान गुरदीप का कहना है कि शुक्रवार रात से बारिश हो रही है। इससे खेतों में पानी जमा हो गया है। कुछ हिस्से में फसल खेत में बिछ गई है।