अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पंजाबी भाषा को ऑस्ट्रेलिया में सरकारी मान्यता प्रदान कर दी गई है। इसे स्कूली पाठ्यक्रम में भी जोड़ लिया गया है। पंजाबी भाषा वहां तेजी से बढ़ रही है। पंजाबी भाषा अब ऑस्ट्रेलिया की 13वीं आम भाषा बन गई है।
हाल ही में येराबी से लेबर उम्मीदवार रविंदर साहनी ने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया था। मुख्यमंत्री एंड्रयू बार ने इसके लिए साहनी का धन्यवाद कि आपके बच्चों के लिए पंजाबी सीखने का विकल्प होना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने रविंदर साहनी की मेहनत और वकालत की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार कैनबरा में पंजाबी भाषी समुदाय के साथ मिलकर एक सर्वेक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्कूलों में पंजाबी सीखने में छात्रों की रुचि का स्तर क्या है। वह ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरेटरी के किन पब्लिक स्कूलों में पढ़ते हैं। यह सर्वेक्षण ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरेटरी सरकार की ओर से पंजाबी भाषी समुदाय के सुझावों के साथ किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह पब्लिक स्कूलों और व्यापक समुदाय, दोनों के लिए कारगर तरीके से संचालित हो। सर्वेक्षण के परिणामों के बाद ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरेटरी लेबर सरकार आपके साथ मिलकर यह निर्धारित करेगी कि पब्लिक स्कूलों में पंजाबी भाषा को कैसे और कहां पढ़ाया जा सकता है। एसीटी के सरकारी स्कूलों में पंजाबी पढ़ाने की क्षमता समुदाय की रुचि के स्तर, शिक्षक गुणवत्ता संस्थान में पंजीकरण प्राप्त करने योग्य योग्य शिक्षकों की उपलब्धता और मौजूदा स्कूलों की अपनी भाषा की पेशकश को बदलने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
भारतीय प्रवासी एसीटी का सबसे बड़ा बहुसांस्कृतिक समुदाय है, जिसकी संख्या लगभग 17,000 है। जनगणना-2021 के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में 2,39,000 लोग अपने घर में पंजाबी बोलते हैं। बीते एक दशक में इसमें 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। विक्टोरिया, न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड ऐसे प्रांत हैं जहां पंजाबी बड़ी संख्या में हैं।