पंजाब के युवक ने विदेश में अपनी मेहनत का झंडा बुलंद किया है। लुधियाना के गुरु हरगोबिंद खालसा कॉलेज गुरुसर सुधार के छात्र रहे हरमंदर सिंह गिल के कनाडा में शेरिफ (प्रशिक्षित कानूनी अधिकारी) बन जाने से जहां उनके पैतृक गांव ढुड्डीके में उत्सव का माहौल है वहीं सुधार कॉलेज के शिक्षक व प्रबंधक भी खुद को गर्वित महसूस कर रहे हैं। हरमंदर सिंह गिल के गांव में दिवाली से पहले ही उनकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए खूब आतिशबाजी की जा रही है।
हरमंदर सिंह गिल के साथ पढ़ने वाले विद्यार्थी और उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षक और कॉलेज प्रबंधक कमेटी ने उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं। कनाडा सुरक्षा बलों और पुलिसिंग में शेरिफ का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है जिन्हें सुरक्षा ड्यूटी के साथ-साथ प्रांतीय या क्षेत्रीय न्यायालय के अधिकारी के तौर पर भी जाना जाता है, जो अदालत की सुरक्षा, कैदियों को लाने-ले जाने और अदालती दस्तावेजों की तामील कराने जैसे कर्तव्यों के लिए जिम्मेदार होता है।
शेरिफ कनाडा में किसी काउंटी का मुख्य कानून प्रवर्तन अधिकारी होता है। उसके कर्तव्य भी पुलिस अधिकारी के समान होते हैं, लेकिन उसका अधिकार क्षेत्र और सरकारी संरचना अलग होती है। मूल रूप से जिला मोगा के गांव ढुड्डीके निवासी और गिल बीज फार्म के मालिक किसान बलविंदर सिंह गिल के घर जन्मे हरमंदर सिंह गिल ने अपनी नर्सरी से पांचवीं तक की शिक्षा गुरु हरगोबिंद हाई स्कूल गुरुसर मद्दोके से प्राप्त की। इसके बाद 12वीं तक नाभा के मशहूर पंजाब पब्लिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। वहां से उच्च शिक्षा के लुधियाना के जीएचजी खालसा कॉलेज में दाखिला लिया। परिवार ने कारोबार में डिग्री डिप्लोमा हासिल करने के लिए उन्हें कनाडा भेज दिया। वहां पढ़ाई पूरी करने के बाद हरमंदर सिंह गिल ने कैलगरी ट्रांजिट बस सर्विस में उच्च पद पर नौकरी शुरू कर दी लेकिन उनका सपना कनाडा पुलिस में भर्ती होकर अपना और परिवार समेत गांव और पंजाब का नाम रोशन करना था।
उन्होंने सख्त मेहनत करके पुलिस में भर्ती के लिए बहुत अच्छे नंबर से परीक्षा पास की, मेडिकल में फिट होने के बाद बहुत कठिन ट्रेनिंग में भी आगे रहे और पूरे अल्बर्टा राज्य में पुलिस के अग्रणीय जाने जाते शेरिफ के पद पर उनकी नियुक्ति हो गई। हरमंदर सिंह गिल को कैलगरी शहर में तैनात किया गया है।
उनके पिता बलविंदर सिंह गिल का कहना है कि पंजाब में उनके पास किसी चीज की कमी नहीं है। इसलिए कई बार उन्हें यह बात खलती थी कि उनका बेटा कनाडा चला गया है, लेकिन आज अपनी मेहनत के बलबूते कनाडा पुलिस के अहम पद पर उसकी नियुक्ति ने उनका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।