दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चालीस मुक्तों की याद को समर्पित मेला माघी का मंगलवार को रवायती तौर पर आगाज हो गया है।
मेले के पहले दिन जहां लाखों की संख्या में उमड़ी संगत ने गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब पहुंचकर शीश नवाते हुए चालीस सिंहों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। वहीं उसके बाद बरकंदी रोड पर मनोरंजन मेला ग्राउंड पहुंचकर पारिवारिक सदस्यों सहित मेले का लुत्फ उठाया। मेले के पहले दिन विभिन्न प्रांतों से पहुंचे बड़ी संख्या में लोगों ने मेले की रौनक बढ़ाई। उसके बाद विभिन्न दलों की सियासी कान्फ्रेंसों में पहुंचकर नेताओं के मनलुभावने भाषण भी सुने।
मेला माघी के पहले दिन मनोरंजन मेला खचाखच भरा रहा। मेला मैदान में जहां एक तरफ बच्चे छोटे जहाज, रेलगाड़ी, कार, मोटरसाइकिल वाले झूले झूल रहे थे, वहीं नौजवान किश्तियों, चंडोल तथा अन्य बड़े झूलों का आनंद लेते नजर आए। बच्चों के लिए इस बार सर्कस न आने से मायूसी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा भीड़ मौत का कुंआ पर नजर आई। मेले में लोगों के मनोरंजन के लिए जादू शो भी लगे हुए हैं।
मलोट रोड पर लगी विभिन्न साजो-सामान और क्र ॉकरी के सामान की स्टालों पर भी लोगों की भीड़ उमड़ी दिखाई दी। इस कारण मलोट रोड पर भी मेले की भीड़ से यातायात प्रभावित हो रहा था। वाहन लेकर चलना तो दूर, पैदल निकलने में भी परेशानी हुई। पुलिस प्रशासन व ट्रैफिक विभाग को भी भीड़ पर काबू करने में काफी मेहनत करनी पड़ी। चप्पे-चप्पे पर संगतों की सुरक्षा के लिए पुलिस दल तैनात रहा।
इस बार मनोरंजन मेला बरकंदी रोड पर लगने के कारण भीड़ अलग-अलग हिस्सों में बंट गई। जहां एक तरफ बरकंदी रोड तो दूसरी तरफ मलोट रोड पर भीड़ दिखाई दे रही थी वहीं, गुरुद्वारा साहिब के विभिन्न नाकों तथा गुरुद्वारा श्री टिब्बी साहिब के आसपास भी मेले जैसा माहौल बना हुआ था।