विजिलेंस ब्यूरो ने निहाल सिंह वाला थाने में सात हजार की रिश्वत लेते एएसआई को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने एक झगड़े में हिरासत में लिए दो लोगों को छोड़ने के बदले यह रिश्वत ली थी।
दूसरी तरफ आरोपी एएसआई इकबाल हुसैन ने कहा कि उसको झूठा फंसाया गया है । विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी सुरिंदर कुमार ने बताया कि गुरप्रीत सिंह निवासी गांव माणूंके ने शिकायत की थी कि उनका अपनी रिश्तेदारी में चाची लगती महिला से मामूली झगड़ा हो गया था।
महिला ने गुरप्रीत सिंह के भाई मनप्रीत सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ निहाल सिंह वाला पुलिस को शिकायत की तो इस मामले की जांच कर रहे पुलिस चौकी, दीना साहिब के इंचार्ज एएसआई इकबाल हुसैन ने मनप्रीत सिंह और उसके साथी को हवालात में बंद कर दिया। उनको छोड़ने के बदले 10 हजार रिश्वत की मांग की। इस दौरान पीड़ित ने विजिलेंस को शिकायत कर दी तो उन्होंने सिविल अस्पताल के डाक्टर चमनदीप सिंह बेस और फार्मासिस्ट गुरप्रीत सिंह को सरकारी गवाह बनाया गया।
विजिलेंस डीएसपी के मुताबिक विभागीय कार्रवाई पूरी कर पीड़ित गुरप्रीत सिंह ने आरोपी एएसआई इकबाल हुसैन से संपर्क कायम किया और थाना निहाल सिंह वाला की चारदीवारी के अंदर एएसआई को सात हजार की रिश्वत लेते रंगे हत्थ गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी एएसआई इकबाल हुसैन के घर के अलावा बैंक खाते आदि की जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।