पीपुल्स पार्टी आफ पंजाब के नेता और विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेम चंद चौधरी
पर दर्ज मामले के खिलाफ शनिवार को सरदूलगढ़ शहर पूरी तरह से बंद रहा।
विभिन्न
राजनैतिक पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पर्चे को रद्द करने की
मांग करते हुए घग्गर दरिया के पुल पर सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ
नारेबाजी की।
धरने में शामिल कांग्रेसी विधायक अजीत इंदर सिंह मोफर,
प्रो. जीवन दास बावा, सतपाल वर्मा, सुखविंदर सिंह सुक्खी, बसपा के सीनियर
नेता कुलदीप सिंह सरदूलगढ़, आम आदमी पार्टी के चरण दास चरनी, शिव कुमार,
सीपीआई के सतपाल चौपड़ा, जुगराज सिंह हीरके, सीपीएम के कामरेड लाल चंद,
नरिंदर कुमार सोमा, भाजपा के जगजीत सिंह मिलखा, विजय कुमार, सुखविंदर सिंह
सुखा भाऊ, लखविंदर लक्की, भूषण जैन व किसान खेत मजदूर सभा के आत्माराम आदि
वक्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रदेश सरकार की शह पर विरोधी पार्टी के वर्कर व
नेताओं को नाजायज परेशान कर रही है।
झूठे पर्चे दर्ज किए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मनमानियों को बंद न किया तो
सभी पार्टियां सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी संघर्ष करेंगी। कई घंटे जाम के
बाद डीएसपी सरदूलगढ़ सुरिंदर कुमार शर्मा व तहसीलदार गुरमेल सिंह ने मौके
पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को मामले की गहन जांच करने का भरोसा दिया।