महानगर को स्मार्ट सिटी बनाने के मुद्दे पर बुधवार को बुलाई गई निगम सदन की
अहम बैठक में अकाली भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने आपस में उलझ कर शोर
शराबे में ही बर्बाद कर दी।
सत्ताधारी और विरोधी दलों के बीच काफी
देर तक बहस चलती रही। खास बात यह रही कि स्मार्ट सिटी के मुद्दे पर अपने
सुझाव देने आए एनजीओ सदस्य पार्षदों के शोरशराबे को देख बिना सुझाव दिए ही
मीटिंग हाल से बाहर चले गए। खास बात है कि इन एनजीओ ने ही स्मार्ट सिटी
प्रोजेक्ट के लिए शहरवासियों को ज्यादा से ज्यादा वोट देने के लिए उत्साहित
किया था।
मीटिंग की शुरुआत में स्मार्ट सिटी के लिए सर्वे कर रही
कंपनी के सलाहकार टीम ने सभी पार्षदों को अब तक हो चुके काम के बारे में
बताया। उन्होंने साथ ही कहा कि कैसे स्मार्ट सिटी बनने के बाद शहर में
सुधार होंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी बनने के बाद शहर में सेफ सिटी
प्रोजेक्ट के तहत 18 हजार हाई डेफीनेशन वाले कैमरे लगाए जा रहे हैं, जोकि
दो किलोमीटर से ही कार में बैठे लोगों को देख सकेंगे। साथ ही शहर में अलग
अलग जगहों पर चार मंजिला पार्किंग बनाई जा रही है।
इसके साथ ही शहर
में अलग अलग जगहों पर आटोमैटिक मैकेनिजम वाली पार्किंग बनाई जा रही है।
उन्होंने प्रजेंटेशन में बताया कि शहर में ट्रैफिक की समस्या को दूर करने
के लिए पब्लिक ट्रांसपोटेशन सिस्टम पर जो दिया गया है। इसके तहत शहर में
बीआरटीसी सिस्टम तहत बसे चलाई जाएंगी। इस के अलावा अलग से साइकिल लेन बनाई
गई है। शहर में सोलर ऊर्जा, आटोमैटिक ट्रैफिक की लाइट और सालिड वेस्ट
मैनेजमेंट की प्लानिंग बारे पार्षदों को बताया गया। जब टीम के सदस्य ने
पार्षदों के सुझाव मांगे गए तो फिर एक दो पार्षदों ने सुझाव को छोड़ कर
बाकी लोगों ने अपने पुरानी बातें कहीं।
जिला कांग्रेस प्रधान गोगी ने किया माहौल खराब
निगम
सदन की बैठक में हालात उस समय बिगड़े जब जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान और
कांग्रेसी पार्षद गुरप्रीत गोगी ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की तुलना
मुंगेरी लाल के हसीन सपने से कर डाली। योजना का मजाक बनता देख भाजपाई
पार्षद भी खड़े हो गए। पार्षद इंद्र अग्रवाल और गोगी के बीच बहस शुरु हो
गई। गोगी और इंद्र अग्रवाल की नोकझोंक में अकाली पार्षदों ने कांग्रेस का
विरोध कर आग में घी डालने वाला काम किया। इसके बाद कांग्रेसियों और अकाली
भाजपा पार्षदों में जम कर बहस हुई। इस माहौल को देख कर एनजीओ के सदस्य
मीटिंग छोड़ कर चले गए। इंद्र अग्रवाल और गुरप्रीत गोगी के बीच तनाव बढ़ता
देख विरोधी पक्ष के नेता हेमराज अग्रवाल और डिप्टी मेयर आरडी शर्मा, भाजपा
पार्षद दल के नेता गुरदीप सिंह नीटू के दखल के बाद दोनों नेताओं को अलग-अलग
किया गया। इसके बाद माहौल शांत हुआ।
पार्षदों को उलझता देख एनजीओ हैरान
बैठक
में पार्षद को आपस में उलझता देखकर एनजीओ के सदस्य हैरान हो गए। पार्षदों
के हंगामे के कारण एनजीओ सदस्य आपस में ही विचार करते दिखाई दिए। वह कह रहे
थे कि पार्षद जिस तरह एक दूसरे के साथ उलझ रहे हैं, उस लिहाज से शहर का
विकास संभव ही नहीं है।