आबकारी एवं कराधान विभाग ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान कम वैट जमा कराने वाले सैकड़ों कारोबारियों को डिमांड नोटिस जारी किए हैं।
इससे
व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। व्यापारियों का आरोप है कि विभाग ने
अपने अकाउंट चेक नहीं किए और आनन फानन में टैक्स जमा कराने का फरमान सुना
दिया है। इससे मंदी की मार झेल रहे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़
रहा है।
पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल ने साफ किया है कि विभाग की
धक्केशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, असिस्टेंट एक्साइज एंड
टैक्सेशन कमिश्रर राजविंदर कौर का कहना है कि विभाग में जमा दस्तावेजों के
आधार पर ही नोटिस निकाले गए हैं। इस संबंध में व्यापारियों को किसी भी तरह
की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के सचिव
महेंद्र अग्रवाल का कहना है कि सरकार ने अपने रिकार्ड को चेक किए बिना ही
नोटिस जारी कर दिए हैं। उन्होंने भी पिछले साल पूरा टैक्स जमा कराया था,
बावजूद इसके विभाग का नोटिस मिल गया। मजबूरन अब फिर से जमा किए टैक्स की
सारा विवरण विभाग को भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि सैकड़ों की
संख्या में व्यापारियों को नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है। व्यापार मंडल
की मांग है कि विभाग पहले अपने रिकार्ड का मिलान करे, यदि किसी व्यापारी
ने टैक्स जमा किया है तो उसे ही नोटिस जारी किया जाए।