पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया।
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पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया 80 किलोमीटर की पैदल यात्रा करेंगे। राज्यपाल ने नशे के खिलाफ जिम्मेदारी संभाल ली है। युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए दस दिन में राज्यपाल करीब 80 किलोमीटर पैदल चलेंगे। राज्यपाल की तरफ से नशे के खिलाफ जागरूकता यात्रा शुरू करेंगे। यात्रा में जुड़ने के लिए कटारिया विश्वविद्यालयों, धार्मिक गुरुओं व सामाजिक संगठनों के साथ बैठक कर रहे हैं।
शनिवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के ओपन एयर थिएटर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशे के खिलाफ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खास तौर पर उपस्थित रहे। इस दौरान नशे के खिलाफ रैली का भी आयोजन किया गया। इसमें युवाओं ने बढ़चढ़ का हिस्सा लिया। रैली में कुछ दूरी तक राज्यपाल एवं केंद्रीय मंत्री ने भी युवाओं का साथ दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने और दूसरों ऐसा करने के लिए प्रेरित करने को शपथ भी दिलाई गई।
इस दौरान राज्यपाल ने युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि नशे की बढ़ रही कुरीति का समाज पर बुरा असर हो रहा है। युवा पीढ़ी इसकी दलदल में फंस कर बर्बाद हो रही है। ऐसे में नशा मुक्त समाज बना कर ही देश के भविष्य को संवारा जा सकता है। इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि नशे के खात्मे के लिए सरकारों के प्रयास नाकाफी हैं।
सैन्य मोर्चे में पड़ोसी देश भारत के आगे नहीं टिकता
राज्यपाल ने कहा कि पंजाब गुरुओं और योद्धाओं की भूमि है। आज भी इस धरती पर वैसे ही योद्धा पैदा होते हैं लेकिन नशा ने उनको खोखला कर दिया है। पड़ोसी देश भारत के सामने इस समय सैन्य मोर्चा से लेकर हर मामले में कहीं नहीं टिकता। इसलिए उसने भारत के खिलाफ छद्म युद्ध शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब बॉर्डर स्टेट है और यहां के युवाओं को नशे के गर्त में धकेल कर उन्हें बर्बाद कर रहा है जिसका असर आने वाले 10 से 15 सालों में सामने आएगा। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि पंजाब सरकार, प्रशासन व आम लोग इस यात्रा के जरिये लोगों को जागरूक करने के लिए सड़क पर जरूर आएंगे।