किसान आंदोलन खत्म होने के बाद अब कांग्रेस सरकार किसान वोट बैंक को साधने में जुट गई है। गुरुवार को लुधियाना के हलका रायकोट में आयोजित रैली के दौरान कांग्रेस प्रदेश प्रधान नवजोत सिद्धू ने कहा कि फसलों पर एमएसपी को हर हाल में कानूनी रूप दिया जाएगा।
लाख विवादों के बावजूद कांग्रेस प्रदेश प्रधान सिद्धू के दिल से पाकिस्तान के प्रति प्रेम कम नहीं हो रहा है। रायकोट में एक बार फिर पाकिस्तान के प्रति उनका प्रेम जाग उठा। सिद्धू ने कहा कि जब करतारपुर कॉरिडोर खुलने के बाद हजारों लोग वहां दर्शन कर आ सकते हैं, तो यहां की फसलें वहां बिकने क्यों नहीं जा सकती हैं। सिद्धू ने यहां तक कह डाला कि यहां तीन हजार रुपये क्विंटल बिकने वाली फसल को अगर बॉर्डर पर रख दिया जाए तो उसका दोगुणा दाम मिल सकता है।
पंजाब में बेअदबी मामले को लेकर हमेशा अपनी सरकार को कटघरे में खड़ा करने वाले सिद्धू अब बैकफुट पर आ चुके हैं। रैली में सिद्धू ने कहा कि बेअदबी के दोषियों को सजा अब आम जनता देगी। इसके लिए वह पंजाब के हर व्यक्ति के दिल और दिमाग में दस्तक देंगे। हमेशा ड्रग्स रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की बात कहने वाले सिद्धू इस मामले में भी पीछे हटते नजर आए। सिद्धू ने कहा कि ड्रग्स के बारे में पंजाब के हर व्यक्ति को पता है। इसके पीछे कौन लोग है। इसलिए अब जनता इसका फैसला करेगी।
अपने अंदाज में कांग्रेस सरकार पर निशाना लगाने वाले सिद्धू गुरुवार को पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे, हालांकि सुखबीर बादल पर निशाना लगाते हुए वे अपनी सरकार को कटघरे में खड़ा कर ही गए। सुखबीर बादल को सबसे बड़ा गप्पी बताते हुए सिद्धू ने कहा कि वह पानी में बसें चलाकर लोगों को सब्जबाग दिखा रहे थे। पंजाब में बम निरोधी सड़कें बनाने का दावा करते थे लेकिन आज गांव में जाकर सड़कों को हाल देख लो यह नहीं पता चलता कि गड्ढे में सड़क है या सड़क में गड्ढा। हालांकि सिद्धू यह बात भूल गए कि पांच साल से पंजाब में कांग्रेस की ही सरकार है। ऐसे में सड़कों की हालत सुधारने की जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार की थी।
लुधियाना के हलका रायकोट से सांसद अमरजीत सिंह बोपाराय के बेटे कामिल अमर सिंह ही कांग्रेस टिकट पर प्रत्याशी होंगे। गुरुवार को रायकोट पहुंचे सिद्धू ने कामिल का हाथ खड़ा कर उन्हें जिताने की अपील कर दी। उन्होंने साफ कहा कि अब युवाओं का समय है, इसलिए इस हलके में अभी यही नंबर वन चल रहा है। इसलिए ऐसे युवाओं को आगे लाना चाहिए। सिद्धू की इस घोषणा पर अभी पार्टी की मोहर लगनी बाकी है लेकिन रायकोट हलके में टिकट के अन्य दावेदारों में मायूसी साफ झलकने लगी है।