हरियाणा और दिल्ली के ठेकेदारों को दिया जा रहा टेंडर
शमशेर सिंह ने बताया कि पिछले लंबे समय से कोई बस नई पनबस और पीआरटीसी की बेड़े में शामिल नहीं हुई है। उल्टा कई बसें कम हो चुकी हैं। आने वाले समय में पनबस और पीआरटीसी को चलाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती थी कि ठेकेदारी प्रथा को खत्म किया जाएगा, लेकिन हरियाणा और दिल्ली के ठेकेदारों को टेंडर लगाकर यहां बुलाया जा रहा है।
क्या हैं मुलाजिमों की मुख्य मांगें
शमशेर सिंह ने कहा कि उनकी अभी भी यही मांग है कि कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाए, ठेकेदारी प्रथा खत्म की जाए। इसके अलावा अन्य मांगें भी हैं जिन पर सरकार कोई विचार नहीं कर रही है। हर बार आश्वासन दे दिया जाता है, लेकिन सुनवाई नहीं होती। ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे विभाग के कुछ अधिकारी सरकार को गुमराह कर रहे हैं। इस कारण मुलाजिमों को परेशानी झेलनी पड़ती है। वीरवार को दो घंटे बस सेवा बंद रहेगी और 7, 8 व 9 अप्रैल को पूरे पंजाब की 2500 बसों का तीन दिन तक चक्का जाम होगा। इसके साथ साथ मंत्री की कोठी के आगे धरना दिया जाएगा।
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