जिले के गांव जै सिंह वाला में मांगों के लिए पेट्रोल की बोतलें लेकर टंकी पर चढे़ ईटीटी टैट पास बेरोजगार अध्यापकों का संघर्ष दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। साथी अध्यापकों की ओर से गांव जैै सिंह वाला में प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। सोमवार को पानी की टंकी पर 30 अध्यापक चढ़े थे।
ईटीटी टैट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन के नेता कमल ठाकुर ने बताया कि उनकी मांग है कि सरकार 4500 से पदों को बढ़ाकर 8500 करें। आरक्षण के तहत खाली पडे़ पदों को अन्य केटागिरी में तबदील किया जाए। अन्य राज्य से संबंधित लोगों के लिए पांच फीसदी कोटा निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी उक्त मांगें पूरी नहीं होती तब तक वे टंकी पर रहेंगे।
उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें न मानी तो वे आत्मदाह करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। यूनियन नेता ने बताया कि आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार के खिलाफ मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा। गांव जै सिंह वाला के साथ लगते गांव के लोगों को भी सरकार की लोक विरोधी नीतियों से अवगत करवाने के लिए यूनियन की ओर से रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनके संघर्ष को पुलिस के डंडे जरिये दबाने का प्रयास किया तो वे उसका मुंह तोड़ जवाब देंगे। इस दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी। उनका कहना था कि जब तक उनकी पैनल मीटिंग मुख्यमंत्री के साथ नहीं होती और उस बैठक में सरकार अध्यापकों को रोजगार नहीं देती तब तक वे टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन जारी रखेंगे।