राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी संघ के सदस्यों ने नगर निगम जोन डी के बाहर ढोल बजाकर सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों की मांगों के लिए प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता सुरिंदर कल्याण, जसवीर लवण, विनोद अतर, सुरिंदर चनालिया, डॉ. बीएस कंग ने की। निगम कार्यालय के बाहर कर्मचारियों की तरफ से बजाए ढोल की भनक लगते ही कमिश्नर घनश्याम थोरी ने कर्मचारी नेताओं को अपने कार्यालय में बुलाकर जल्द से जल्द मांगें स्वीकार करने का भरोसा दिलाकर उन्हें शांत किया।
कर्मचारी नेता सुरिंदर कल्याण ने कमिश्नर घनश्याम थोरी को सौंपे ज्ञापन पर मिले आश्वासन की जानकारी देते हुए कहा कि अगर निगम प्रशासन ने कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार बंद न किया तो राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी संघ के नेतृत्व में सफाई कर्मचारी और सीवरमैन मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे।
मेयर गोहलवड़िया के वार्ड में 15 साल से कार्यरत दो कर्मचारियों को जबरन काम से निकालने की जानकारी देते हुए कल्याण ने कहा कि राष्ट्रीय एससी/एसटी आयोग के उपचेयरमैन डॉ. राज कुमार वेरका को इस मामले की लिखित शिकायत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत का डंका बजा रहे हैं। दूसरी तरफ पंजाब को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका अदा करने वालों का शोषण किया जा रहा है।
कल्याण ने बताया कि सभी सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों के पक्का करने, 70 प्रतिशत डीसी रेट और 100 प्रतिशत पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों को प्रोवीडेंट नंबर अलाट करवाने, पैंडिग डेथ केसों में तरस के आधार पर परिजनों को नौकरी देने, नंबरदारों को सेनेटरी इंस्पेक्टरों की तर्ज पर तरक्की देने, 2007 के कार्यरत सफाई कर्मचारियों को पेंशन स्कीम के तहत लाने, 2011 से कार्यरत पक्के सफाई कर्मचारियों को शनिवार की छुट्टी देने, सफाई कर्मचारियों के लोन पर से पाबंदी हटाने, सुप्रीमकोर्ट के आदेशों के बावजूद सीवरमैनों को गटर में न उतारने के आदेशों को सख्ती से लागू करने जैसी अन्य मांगें स्वीकार होने तक संघर्ष जारी रखने की घोषणा की।
इस अवसर पर सोमपाल सौदाई, नरेश सहोता, राकेश भगत, बलबीर महीराक, रवि भुंबक, आजाद घारू, संजीव केसला, दीपक हैबोवाल, तरलोक कांगड़ा, मिंकल बिरला, काला कोहाल, अजय दिसावर और मास्टर प्रेम उपस्थित थे।