लुधियाना में प्लास्टिक कारोबारी डीसी आफिस में प्रदर्शन करते हुए।
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पंजाब सरकार ने सूबे में एक अप्रैल से प्लास्टिक के कैरी बैग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इसके विरोध में प्लास्टिक मैन्यूफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के बैनर तले वीरवार को उद्यमियों और कारोबारियों ने सड़कों पर उतर कर रोष मार्च निकाला, धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद मिनी सचिवालय में डीसी रवि भगत को ज्ञापन सौंपा। डीसी ने भरोसा दिलाया कि संगठन का ज्ञापन सीएम प्रकाश सिंह बादल तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके अलावा डीसी से शीघ्र ही बैठक कराने का भी प्रयास किया जाएगा।
वीरवार सुबह उद्यमी और कारोबारियों ने पहले जगरांव पुल पर रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद मार्च निकाल कर मिनी सचिवालय पहुंचे। वहां पर डीसी दफ्तर के सामने धरना देकर अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। उद्यमियों ने आरोप लगाया कि सरकार उनका कारोबार तबाह करने पर तुली है।
एसोसिएशन ने साफ किया है कि जब तक निर्धारित मानकों के तहत इजाजत नहीं मिलती, संघर्ष जारी रहेगा। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार की नोटिफिकेशन के तहत पचास माइक्रोन से अधिक के कैरी बैग की इजाजत दी जाए।
एसोसिएशन के प्रधान गुरदीप सिंह बत्तरा का कहना है कि इस प्रतिबंध के बाद सूबे में कैरी बैग बनाने वाली करीब पांच हजार इकाई बंद हो जाएंगी, लाखों लोग बेरोजगार जाएंगे। वित्तीय संस्थानों एवं बैंकों के ऋण के तौर पर दिए करीब तीन हजार करोड़ रुपये फंस सकते हैं। इससे सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान होगा।
सिर्फ कैरी बैग से ही सरकार को वैट के तौर पर सालाना 175 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। बत्तरा ने कहा कि पंजाब की सत्तर से अस्सी फीसदी तक इकाईयां अकेले लुधियाना में ही हैं। इस अवसर पर सुभाष सेठी, मुकेश मरजारा, विपिन कटारिया, पुनीत मखीजा, राज कुमार और सुशील जैन समेत कई कारोबारी मौजूद रहे।