मालेरकोटला में महिलाओं की ओर से निकाले रोष मार्च में शामिल कैबिनेट मंत्री रजिया सुलताना।
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के खिलाफ शनिवार को मालेरकोटला में संयुक्त एक्शन कमेटी और किसान संगठनों की अगुवाई में बड़ी तादाद में महिलाओं ने सरहंदी गेट सेकमल सिनेमा तक रोष मार्च किया। महिलाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं का मालेरकोटला में यह तीसरा रोष मार्च था। इससे पहले 22 दिसंबर और 18 जनवरी को मार्च किया था।
रोष मार्च में पहुंचीं पंजाब की कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी लागू करने पर तुली केंद्रीय हुकूमत देश को आरएसएस के इशारों पर हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है और मोदी सरकार अपनी नाकामियां छिपाने केलिए सीएए और एनआरसी लेकर आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार वाले राज्यों ने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित करके इसे वापस लेने की मांग की हैं। उन्होंने कहा जब तक पंजाब में कांग्रेस की सरकार रहेगी, तब तक किसी को भी अपने कागज दिखाने की जरूरत नहीं।
उन्होंने अकाली दल को आड़े हाथों लेते कहा कि सीएए के हक में भी वोट डालने वाले अकालियों को जब दिल्ली में भाजपा ने भगाया तो फिर इन्हें सीएए और मुसलमानों की याद आ गई। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की वह इस कानून को वापस ले। वहीं किसान नेताओं ने 16 फरवरी को मालेरकोटला में केंद्र सरकार के खिलाफ रैली करने का एलान किया।