सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)। अकाली दल डेमोक्रेटिक के नेता व पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि आंदोलन कर रहे किसानों के साथ पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बात करनी चाहिए। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के हाथ में कुछ नहीं है। किसानों की मांग को गंभीरता से लेकर केंद्र सरकार को उक्त कानून वापस लेने चाहिए। सरकार खुद मान रही है कि कानूनों में खामियां हैं। पार्टी समर्थक रविंदर गोरखा के निवास स्थान पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ढींढसा ने कहा कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आंदोलन का माहौल खराब करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक ढंग से चुनी सरकार को लोगों की आवाज सुननी चाहिए। केंद्र सरकार खेती कानूनों को बनाने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करे और किसानों से सलाह करके ही कानून बनाए। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि अकाली दल बादल, भाजपा और कांग्रेस को छोड़कर उनकी पार्टी किसी भी सियासी दल के साथ समझौता कर सकती है। अभी उनकी पार्टी को चुनाव चिह्न नहीं मिला है। नगर काउंसिल चुनाव में उनकी पार्टी के समर्थक स्थानीय स्तर पर चुनाव लड़ने का फैसला करेंगे। आजाद तौर पर भी चुनाव लड़ सकते हैं और किसी अच्छे प्रत्याशी को समर्थन भी दिया जा सकता है। इस मौके पर अमनवीर सिंह चैरी, सुनीता शर्मा, चमकौर सिंह, यादविंदर सिंह मौजूद थे।