बहुमंजिला प्राइवेट बिल्डिंग के सामने अचानक एक व्यक्ति मोटरसाइकिल खड़ा कर गायब हो गया। मोटरसाइकिल पर लटकते टिफिन, जिसे टेप किया गया था, के बाहर एक तार लटक रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस समझ गई कि यह टिफिन बम है। एसएसपी जगरांव रवचरण सिंह बराड़ और जिले के उच्चाधिकारी तीन थानों के एसएचओ बम निरोधक दस्ते, सीआईए स्टाफ पुलिस सहित बड़ी संख्या में पुलिस वाले मौके पर पहुंच गए। यह हकीकत नहीं बल्कि जगरांव पुलिस की मॉक ड्रिल है। शुक्रवार को जगरांव पुलिस ने शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में प्राइवेट बैंक के आगे मॉक ड्रिल कर मौजूदा गंभीर हुए हालातों से निपटने के लिए खुद की अग्निपरीक्षा ली।
दोपहर करीब एक बजे जगरांव के कमल चौक से रायकोट रोड को जाती बीच वाली सड़क पर बहुमंजिला व्यापारिक कांप्लेक्स के सामने खड़े एक बाइक पर टेप से लपेटा गया टिफिन लटक रहा था। उसमें से एक तार बाहर लटक रहा था। जब एक राहगीर ने टिफिन को देखा तो उसने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद कुछ ही समय में पुलिस मौके पर पहुंच गई। बम मिलने की सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैल गई। पुलिस ने पूरा इलाका खाली करवा दिया। बिल्डिंग में बैंक, शिक्षा केंद्र और दुकानों में बैठे लोगों में भगदड़ मच गई। मौके पर फायरब्रिगेड की गाड़ियां भी पहुंच गई। बम को नष्ट करने की कुछ मिनटों की जद्दोजहद के बाद मौके पर मौजूद एसएसपी ने कहा कि यह जगरांव पुलिस की मॉकड्रिल है। यह इसलिए की गई ताकि पठानकोट हमले के बाद बने हालातों के मुताबिक पंजाब पुलिस भी ऐसी स्थिति के साथ निपटने में पूरी तरह योग्य हो। उन्होंने कहा कि जगरांव पुलिस के जवान भी बम को नष्ट करने की ट्रेनिंग लेकर आए हैं।
किसी ने कहा सही, किसी ने पुलिस को कोसा
जगरांव पुलिस की तरफ से शुक्रवार को हकीकत की तरह भीड़भाड़ वाले इलाके में टिफिन बम मिलने की मॉक ड्रिल ने लोगों की सांस अटका दी। इस सूचना ने सिर्फ जगरांव में ही नहीं, बल्कि पूरे सूबे में हलचल मचा दी। पुलिस की इस कार्रवाई के कुछ समय बाद ही जगरांव के लोगों के रिश्तेदारों के खैरियत पूछने के फोन आने लगे। पुलिस की इस कार्रवाई की कुछ लोगों ने प्रशंसा की, लेकिन काफी लोगों ने पुलिस को जमकर कोसा।
एसएसपी रवचरण सिंह बराड़ ने कहा कि मॉक डिल करना जनता की सुरक्षा को मजबूत करना है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी हुई है, लेकिन ऐसा करने से ही पता चल सकता है कि अगर ऐसी स्थिति बन जाए तो क्या कहना चाहिए। मॉकड्रिल की इस कार्रवाई से यह पता लग गया है कि पुलिस में क्या कमियां है। पब्लिक को किस तरह से कंट्रोल करना है। यह सब मॉकड्रिल के बाद ही सामने आ सकता है।