गांव मिड्ड में शुक्रवार दोपहर एक युवक की पुलिस हिरासत से घर लाने के बाद मौत हो गई। इस पर भड़के ग्रामीणों ने लगभग साढ़े तीन घंटे के लिए फाजिल्का-दिल्ली मार्ग जाम कर दिया।
मृतक चार बहनों का एकलौता भाई था। उधर, इस मामले में तीन पुलिस मुलाजिमों को सस्पेंड कर दिया गया है।
मृतक युवक हरदीप सिंह के पिता बलवंत सिंह और माता राज कौर ने बताया कि उनके घर के पास किसी ठेकेदार का सेमनाले पर मिट्टी डालने का काम चल रहा था।
वहां किसी बात पर उनके बेटे की ठेकेदार के कारिंदे से तकरार हो गई। शुक्रवार को दोपहर सवा एक बजे हरदीप सिंह जैसे ही खेतों से घर आया तो पन्नीवाला चौकी के तीन पुलिस कर्मचारी उसे उठा ले गए। थोड़ी देर बाद जब पुलिस वाले उसे घर छोड़ने आए तो हरदीप की हालत बेहद नाजुक थी।
उन्होंने गांव के एक कर्मचारी की सहायता से उसे मलोट अस्पताल पहुंचाया। वहां पहुंचने से पहले ही उसके बेटे ने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से हिरासत में मारपीट करने से ही हरदीप की मौत हुई है। पुलिस ने ठेकेदार की शह पर उनके बेटे के साथ मारपीट की।
उधर, घटना का जायजा लेने पहुंचे एसपी (डी) गुरिंदरजीत सिंह, एडिशनल एसएचओ कबरवाला संता सिंह और चौकी पन्नीवाला के इंचार्ज प्रीतपाल सिंह ने मृतक के माता-पिता से बात कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उधर, एसपी गुरिंदरजीत सिंह और थाना कबरवाला के अतिरिक्त प्रभारी संता सिंह ने बताया कि इस मामले में फिलहाल हवलदार सुखमंदर सिंह, हवलदार सतपाल सिंह व कांस्टेबल हरजीत सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।