लुधियाना में पंजाब सरकार की मुलाजिम विरोधी नीतियों से खफा एनआरएचएम, आयूष एवं आईडीएसपी की सोमवार से दो दिवसीय कलम छोड़ एवं कंप्यूटर शट डाउन हड़ताल शुरू हो गई।
हड़ताल के दौरान मुलाजिमों ने सेहत विभाग में सिविल सर्जन दफ्तर के समक्ष धरना दिया और मांगों के लिए नारेबाजी की। मुलाजिमों की मांग है कि विभाग में आउटसोर्सिंग बंद की जाए और मुलाजिमों को विभाग में रेगुलर किया जाए। नेताओं ने साफ किया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर अमल न किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
धरने को संबोधित करते हुए एनआरएचएम लुधियाना के जिला प्रधान दिनेश गुलाटी ने कहा कि प्रदेश सरकार मुलाजिमों से सौतेला व्यवहार कर रही है। 23 सितंबर को डीसी मोहाली ने धरने पर बैठे मुलाजिमों की सीएम से बातचीत कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ है।
एनआरएचएम में 75 फीसदी योगदान केंद्र और 25 फीसदी सूबा सरकार का है, लेकिन सूबा सरकार कई तरह की कटौतियों के बाद मुलाजिमों को काफी कम वेतन दे रही है। यूनियन की मांग है कि विभाग में आउटसोर्सिंग बंद की जाए। कंाट्रैक्ट खत्म करके मुलाजिमों को विभाग में रेगुलर किया जाए।
उधर आयूष यूनियन के प्रधान डॉ. बलविंदर कुमार ने मांग की है कि मुलाजिमों को सर्व शिक्षा अभियान के बराबर काम, बराबर वेतन एवं रेगुलर वेतनमान दिया जाए। इस अवसर पर किरणजीत कौर ने कहा कि मुलाजिमों को रेगुलर करने केे लिए शीघ्र की कदम उठाए जाएं। बैठक में नीलम कुमारी, रूपिंदर कौर, मनप्रीत सिंह और जसबीर कौर समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।