पंजाब सरकार की ओर से किसानों को कृषि के साथ-साथ पशु पालन और डेयरी धंधे से जोड़ने के मकसद से शुरू किए पशुधन मुकाबलों का काफी फायदा मिल रहा है।
प्रतियोगिता शुरू करने के बाद पिछले पांच साल में पशु धन की गिनती में 10.33 फीसदी का इजाफा हुआ है, वहीं दूध उत्पादन भी सालाना 93.89 लाख टन से बढ़ कर 97.24 लाख टन सालाना हो गया है। यह जानकारी पशु पालन, मछली पालन एवं डेयरी विकास मंत्री गुलजार सिंह रणीके ने शनिवार को जगरांव में दी। वे शनिवार को आठवें पीडीएफए अंतरराष्ट्रीय डेयरी एवं एग्रो एक्सपो का उद्घाटन करने पहुंचे थे।
रणीके ने कहा कि पंजाब सरकार के सूबे में नस्ल सुधार, पशु पालन के लिए किसान कल्याणकारी स्कीमें एवं पशु पालकों को प्रोत्साहित करने के लिए ईनामी राशि वाले मुकाबले कराने एवं पशुओं की सेहत सुधार के लिए किए प्रयासों के कारण ही सूबे में पशु पालन का धंधा तेजी से तरक्की कर रहा है। रणीके ने कहा कि पिछले पांच साल में सूबे में उपजाऊ पशुओं की गिनती बढ़ी है।
जबकि नाकारा पशुओं की संख्या कम करने में पंजाब कामयाब हो रहा है। सरकारी प्रयासों से पंजाब में गायों की संख्या 35 फीसदी, भैंस की 4 फीसदी और सुअर की संख्या 42 फीसदी बढ़ी है। सूबे में रोजाना प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 961 ग्राम है, जो देश भर में अधिक है। पंजाब में 3791 मिलियन अंडों की पैदावार हो रही है। प्रति व्यक्ति हर साल 140 अंडों की उपलब्धता से पंजाब देश में अव्वल है।
रणीके ने कहा कि सरकार रामपुरा फूल में वेटरिनरी कॉलेज स्थापित कर रही है। जबकि 60 करोड़ रुपये अस्पतालों एवं पशु डिस्पेंसरियों पर खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग में 125 वेटरिनरी अफसरों और 175 वेटरिनरी इंस्पेक्टरों की भरती की जा रही है। यह प्रक्रिया डेढ़ माह में पूरी कर ली जाएगी। इस अवसर पर विधायक एसआर कलेर, डेयरी विभाग के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह, प्रोग्रेसिव डेयरी फॉमर्स एसोसिएशन के प्रधान दलजीत सिंह सदरपुरा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।