लुधियाना। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की तरफ से एक कृषि वैज्ञानिकों ने लुड्डो तैयार की है। इसके माध्यम से किसान खेल-खेल के साथ यूनिवर्सिटी माहिरों की महत्वपूर्ण बातों को समझ सकेंगे। इस लुड्डो के माध्यम से किसानों को धान की सीधी बिजाई के संबंध में पूरी जानकारी दी गई है, वहीं नरमा और कपास की अच्छी फसल प्राप्त करने के नुस्खे भी बताए गए हैं। खेल-खेल में किसान दोनों काम कर सकते हैं।
निदेशक प्रसार शिक्षा डॉक्टर जसकरण सिंह माहल बताते हैं कि यूनिवर्सिटी विज्ञानी किसानों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए हर संभव यत्न कर रहे हैं। कृषि लुड्डो भी एक नई पहल है। उन्होंने बताया कि लुड्डो एक पुरातन खेल है, इसमें धान की सीधी बिजाई के लिए यूनिवर्सिटी की सिफारिशों का जिक्र किया गया है वहीं वर्जित बातों का जिक्र आता है। अगर धान की सीधी बिजाई जून माह के पहले दिन करेंगे, कम समय में पकने वाली किस्म अपनाएंगे, सिर्फ आठ से दस किलो बीज का इस्तेमाल करेंगे, फसल का पहला पानी 21 दिन बाद देंगे इससे फसल को ज्यादा फायदा होगा। इसे लुड्डो में प्रशंसा के तौर पर व्यक्ति सीढ़ी चढ़ेगा। अगर धान की बिजाई निचली जमीन, अगेती जुताई, लंबे समय में पकने वाले फसल की किस्म, ज्यादा बीज का इस्तेमाल, कीटनाशकों का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे इसका दंड लगेगा यानी लुड्डो में सांप काटेगा और वह नीचे की तरफ आ जाएगा।
जबकि एक परिवार के सदस्य इस खेल को खेलेंगे तो उनमें फसलों के बारे में ज्यादा जानकारी लेने का रुझान पैदा होगा। इसलिए लुड्डो के साथ एक किताब दी गई है, इसमें पंजाब के कृषि माहिरों के नंबर दिए गए हैं। इनकी मदद से वह कोई भी शंका को दूर कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस लुड्डो को यूनिवर्सिटी के संचार केंद्र विज्ञानी डॉक्टर अनिल शर्मा ने तैयार किया है। डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि लुड्डो के माध्यम से किसानों को कम शब्दों में समझाने का एक प्रयास किया गया है।