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अस्पताल के पार्क में प्रसव की जांच को पैनल बना

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अमर उजाला ब्यूरो
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लुधियाना। एंबुलेंस के इंतजार में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल के पार्क में दो बच्चों के जन्म लेने के मामले में सेहत विभाग ने तीन डॉक्टरों के पैनल को जांच सौंप दी है। वहीं इस जन्म लेने वाले एक शिशु (लड़की) की मौत हो गई है और दूसरे बच्चे (लड़का) की सेहत ठीक बताई जा रही है। मां और बच्चे को सिविल अस्पताल स्थित मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में रखा गया है। शुक्रवार देर शाम को भाजपा महिला मोर्चा की सदस्य अस्पताल पहुंची। उन्होंने पीड़िता को हर सहायता देने का आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि धूरी लाइन निवासी गर्भवती उमा देवी (30) को 17 फरवरी को मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 18 फरवरी को उसने छाती में दर्द होने की शिकायत की। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने उसे सीएमसी अस्पताल से इको कार्डिकग्राफी करवाने के लिए भेज दिया। उन्हें जाने के लिए कोई एंबुलेंस नहीं दी गई। उसका पति एंबुलेंस लेने के लिए इधर उधर भटक रहा था कि उमा देवी अस्पताल परिसर बने पार्क में आकर बैठ गई। वहीं पर उसने दो बच्चों को जन्म दे दिया।
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वहां पार्क में मौजूद महिलाओं ने जब शोर मचाया तो अस्पताल में तैनात स्टाफ बाहर भागा और पीड़िता को अंदर लाया गया। इसके बाद यह मामला सेहत विभाग पर भारी पड़ने लगा। देर रात तक सेहत विभाग इस मामले को छुपाता रहा पहले पीड़ित महिला सहित बच्चों को पीजीआई रेफर कर दिया गया। बाद में महिला को अस्पातल में रखा गया और पिता को बच्चों के पीजीआई भेजा गया। पीजीआई से पिता दोनों बच्चों को लेकर वापस सिविल अस्पताल पहुंच गया। शुक्रवार की देर रात को एक बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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उधर मदर एंड चाइल्ड अस्पताल की एसएमओ हतिंदर कौर कहा कि दोनों बच्चे सातवें माह में पैदा हो गए थे। इसलिए वह काफी कमजोर थे। इसमें नवजात बच्ची की मौत हो गई है, जबकि दूसरे बच्चे का उपचार चल रहा है। पार्क में प्रसव होने की जांच के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है। पैनल में डॉक्टर सुरभी, डॉ. रेनू और डॉ. अलीशा हैं। जांच रिपोर्ट में आरोपी पाए जाने वाले स्टाफ के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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