जेल अधिकारियों और स्टाफ द्वारा बनाई गई सोसाइटी ऑफ द डेवलपमेंट की मदद से जेल के अंदर तैयार की गई नई कैंटीन का उद्घाटन बुधवार को एडीजीपी जेल आरपी मीना ने किया। जेल में यह कैंटीन मुलाकातियों के खाने-पीने के लिए बनाई गई है। इस कैंटीन में जेल के अंदर बंद कैदियों द्वारा तैयार किए गए समोसे, बिस्कुट और नमकीन के अलावा घरेलू सामान बेचा भी जाएगा।
उन्होंने बताया कि बंदियों से मुलाकात करने आए लोग तो कैंटीन से सामान खरीदेंगे ही, इसके अलावा बाहर के लोग भी आकर इस कैंटीन से सामान खरीद सकते हैं। उनका दावा है कि कैंटीन में बिकने वाले सामान बाजार से सस्ता होगा। जेल सुपरिंटेंडेंट एसपी खन्ना, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट राजीव अरोड़ा ने बताया कि कैंटीन में सील बंद सामान मिलेगा।
अगर कोई मुलाकाती, जेल में बंद अपने बंदी को कोई सामान देना चाहता हो तो वह कैंटीन से खरीद कर दे सकता है। पहले बंदियों के रिश्तेदार बाहर का सामान खरीदकर अंदर देते थे, जिससे कई दफा सामान में पाबंदीशुदा सामान बरामद होता था।
एडीजीपी रामपाल मीना ने बताया कि इस कैंटीन में समोसे, बिस्कुट और नमकीन के अलग-अलग सीलबंद पैकेट, साबुन, फिनायल, कढ़ाई के सूट और इसके अलावा कई और सामान मिलेगा। सामान जेल के अंदर तैयार किया जाता है।
प्रोफिट को बंदियों की सुविधाओं पर किया जाएगा खर्च
एडीजीपी मीना का कहना है कि यह कैंटीन अधिकारियों और स्टाफ द्वारा बनाई गई सोसाइटी फॉर द डेवलपमेंट की मदद से शुरू की गई है। उसके खर्चे निकालकर जो सोसाइटी को प्रोफिट होगा, वह बंदियों की सुविधाओं के लिए खर्च किए जाएंगे। एडीजीपी ने बताया कि स्कॉलरशिप स्कीम शुरू की जाएगी।
कैदियों के जो बच्चे पढ़ने में होशियार हैं, मगर उनके घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। ऐसे बच्चों के लिए स्कॉलरशिप शुरू की गई है। इसके लिए 14 बच्चे चुने गए हैं। उन्हें एक हजार रुपये महीना स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके अलावा महिला जेल के अंदर बंद महिलाओं के छह साल से छोटे बच्चों का जन्मदिन मनाया जाएगा।