लुधियाना में पूर्व सरपंच हत्याकांड में खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। महानगर के लाडोवाल बाईपास पर 3 अक्तूबर को हुए पूर्व सरपंच नवतेज सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में पता चला कि हत्या जमीन विवाद के कारण हुई थी। पुलिस ने इस मामले में एक पिता और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है, जबकि पहले शक के घेरे में आया चचेरा भाई बेकसूर निकला।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रुर सिंह और उसके बेटे जसविंदर सिंह के रूप में हुई है। मनजिंदर सिंह गोरु और हरप्रीत सिंह प्रीत की तलाश जारी है। नवतेज सिंह के बेटे आलमजीत सिंह ने पहले अपने चचेरे भाई वाहेगुरुपाल सिंह और उसके परिवार पर हत्या का आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस की गहन छानबीन में उनकी संलिप्तता सामने नहीं आई। अपर पुलिस आयुक्त रूपिंदर सिंह ने बताया कि जांच रुर सिंह और जसविंदर सिंह तक पहुंची। नवतेज सिंह 3 अक्तूबर को मन्नेवाल गांव से अपनी कार में घर लौट रहे थे। लाडोवाल बाइपास के पास बाइक सवार दो हमलावरों ने उन पर सात गोलियां चलाईं। नवतेज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। नवतेज सिंह और आरोपियों के बीच कई साल से डेढ़ कनाल जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। करीब दो दशक पहले नवतेज सिंह के पिता ने रुर सिंह की बहन से यह जमीन खरीदी थी। रुर सिंह इस सौदे को अवैध मानता था क्योंकि उसका भी जमीन में हिस्सा था। यह मामला अदालत तक भी पहुंचा था। नवतेज ने रुर और उसके परिवार पर कब्जे के प्रयास के दो मामले भी दर्ज करवाए थे।
आर्थिक रूप से कमजोर इस परिवार के लिए जमीन बचाना बेहद अहम था। इसी रंजिश के कारण जसविंदर के मन में गहरी दुश्मनी बैठ गई थी। करीब तीन महीने पहले जसविंदर ने मंजीत सिंह और उसके रिश्तेदार हरप्रीत को हत्या के लिए तैयार किया। पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों शूटरों की तलाश में दबिश दी जा रही है।