सीपीएस नवजोत कौर सिद्धू शनिवार को पुलिस के दबाव से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले इंदरपाल सिंह आहूजा के घर उसके परिजनों से मिलने पहुंचीं।
इस दौरान सिद्धू ने कहा कि फेसबुक पर इंदरपाल ने लिखा है कि वह पुलिस की प्रताड़ना से परेशान था। पुलिस ने उससे सवा लाख रुपये रिश्वत ली और सवा लाख रुपये ओर मांग रहे हैं। पुलिस ने धमकी दी है कि अगर पैसे न दिए तो उस पर तस्करी का मामला दर्ज कर लेगी। सिद्धू ने मांग की है कि इस स्टेटस को ही खुदकुशी नोट मान कर आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
सिद्धू ने सरकार से मांग की है कि पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि वहां जाने वाले लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। पुलिस और आम आदमी में कोई बात होती है तो वह रिकार्ड होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ डीजीपी पंजाब को पत्र लिखकर आरोपी पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगी।
सिद्धू दोपहर को इंदरपाल के घर पहुंचीं और घर वालों को भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में भाजपा परिवार के साथ है। सिद्धू ने कहा कि वह पहले भी कह चुकी हैं कि पुलिस का मौजूदा समय में सियासीकरण हो गया है। पुलिस से लुटेरे तो डरते नहीं लेकिन पुलिस खुद सरकार के मंत्रियों से डरती है।
आज तक अपनी पसंद का एसएचओ नहीं लगवा सकी
सीपीएस सिद्धू ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि बादल सरकार ने इतनी गंदी राजनीति की है कि जो लोग भी अमृतसर में उनके साथ जुड़े हैं, उन्हें तोड़ने के लिए अधिकारियों से कह रखा था कि उनके काम करने बंद कर दिए जाएं। पिछले पांच सालों में उनकी सरकार ने एक नहीं मानी है। वह आज तक डीएसपी, पटवारी या फिर थाने में अपनी पसंद का एसएचओ नहीं लगवा सकी।
यह बात तो स्पष्ट है कि अकाली दल की सरकार सही काम नहीं कर रही है और न ही उन्हें सही काम करने वाले लोग पसंद हैं। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा अकाली दल के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी तो वह उस पार्टी से चुनाव नहीं लड़ेंगी। पिछले पांच साल में उन्होंने अपना डाक्टरी का पेशा छोड़कर राज्य के लोगों की सेवा में अपना समय दिया है और आने वाले समय में भी राजनीति से जुड़ी रहेंगी। इस मौके पर जिला भाजपा के प्रधान प्रवीण बंसल, अमित गोसाई और अन्य लोग मौजूद थे।