पटियाला। 23 वर्षीय मुस्कान गर्ग ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो कोई भी मुश्किल रास्ता नहीं रोक सकती। नाभा की मुस्कान ने राजस्थान में आयोजित ज्यूडिशियल परीक्षा में पांचवीं रैंक हासिल की, और अब वह जज बन गई हैं।
मुस्कान ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि यह सब उनके माता-पिता की मेहनत और सहयोग के कारण संभव हो पाया। मुस्कान ने सातवीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि वह बड़ी होकर जज बनेंगी। टीवी पर जज को पीड़ित पक्ष को न्याय देते देख उनका यह सपना पंख लगा।
मुस्कान की पढ़ाई का सफर भी प्रेरणादायक है। वह हमेशा क्लास में पहले स्थान पर आती रही और बाद में पटियाला लॉ कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त की। मुस्कान ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी सफलता का राज लगातार कड़ी मेहनत और आत्मनिर्भर अध्ययन में है। मुस्कान के माता-पिता, विजय कुमार और रीमा गर्ग ने अपनी बेटी की सफलता पर खुशी जताई और कहा कि उन्होंने कभी भी बेटे-बेटी में कोई फर्क नहीं किया। आज मुस्कान ने छोटी उम्र में जज बनकर उनका नाम ऊंचा किया है, और उनका सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।