रोपड़ में डीसी को मामले की जानकारी देते मृतक मंगा के परिजन।
- फोटो : ROPAR
शहर के सदाव्रद क्षेत्र से पांच दिन से लापता किशोर का शव मंगलवार की शाम भाखड़ा नहर से मिला। परिजनों ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को सिविल अस्पताल में धरना लगा दिया। परिजनों ने अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची डीसी सोनाली गिरी की गाड़ी का घेराव कर लिया। डीसी से आश्वासन मिलने पर धरना खत्म किया गया। थाना सदर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।
सदाव्रत निवासी बीना पत्नी राजू राम ने बताया कि तीन सितंबर को उसका बेटा मंगा (17) अपने दोस्त प्रवीन पुत्र जबरू के साथ गांव सरसा नंगल में कबाड़ लेने के लिए गए थे। इस दौरान गांव के लोगों ने इन पर हमला कर दिया। प्रवीन अपने जान बचा कर घर वापस आ गया। मंगा का कोई पता नहीं चला। इस पर वह भरतगढ चौकी में कई बार शिकायत दर्ज करवाने के लिए गए। पुलिस ने कोरोना बहाना लगाते हुए उनकी सुनवाई नहीं की। बीना ने आरोप लगाया उसके बेटे का गांव सरसा नंगल के लोगों ने कत्ल कर दिया ओर इसके बाद शव को भाखड़ा नहर में फेंक दिया है। पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होने कहा कि हमला करने वाले गांव सरसा के लोग उनका स्कूटर चौकी में खड़ा करके गए थे। पुलिस न तो उनसे भी पूछताछ नहीं कर रही है। इसके बाद 8 सितंबर देर शाम को मंगा का शव भाखड़ा नहर से मिला है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बुधवार को मंगा के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान पुलिस की ओर से कार्रवाई न करने की बात कहते हुए परिजनों से अंतिम संस्कार करने से इंकार दिया। साथ ही सिविल अस्पताल के मेन गेट पर धरना लगा दिया। इस दौरान अस्पताल के दौरे पर आई जिला की डीसी सोनाली गिरीभी धरने में घिर गई। प्रदर्शनकारियों ने डीसी को पुलिस की कार्यशैली के बारे में बताया। डीसी ने एसएसपी के साथ बात की। इसके बाद डीसीने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज हो चुका हैष पुलिस अगली कार्रवाई कर रही है। इसके बाद धरना खत्म कर मंगा का अंतिम संस्कार किया गया। थाना सदर के एसएचओ कुलबीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में गांव सरसा नंगल निवासी अज्ञात लोगों पर धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।